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रेल टेका आंदोलन केस में बेल पर रिहा हुए आंदोलनकारी अमित महतो, बोले — “केस, जेल या बेल से नहीं डरते हम”  

 

 

चक्रधरपुर।

कुड़मी समाज के चर्चित रेल टेका आंदोलन मामले में बड़ी खबर सामने आई है। आंदोलनकारी अमित महतो को आज रेलवे कोर्ट चक्रधरपुर से बेल मिल गई है। कोर्ट से रिहा होने के बाद अमित महतो ने कहा — “ना समाज डरेगा, ना हम झुकेंगे। हक और अधिकार की लड़ाई में ऐसे सौ केस भी दर्ज हों, हमें मंजूर है।”

 

अमित महतो ने आगे कहा कि “आंदोलन में FIR आंदोलनकारियों के लिए मेडल के समान है।” उन्होंने एसटी समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि विरोध के बजाय तथ्यों को समझें और तार्किक रूप से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा — “एसटी और कुड़मी सब भाई-भाई हैं। सामाजिक समरसता बनाए रखना दोनों समाजों के नेताओं की नैतिक जिम्मेदारी है।”

 

गौरतलब है कि 20 सितंबर 2025 को कुड़मी समाज के रेल टेका आंदोलन के दौरान दर्ज हुए केस में अमित महतो को नामजद किया गया था। समाज की 75 सालों से लंबित मांग को लेकर हुए इस आंदोलन में उन्होंने नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

 

बेल मिलने के बाद समाज में खुशी की लहर देखी गई। रेल प्रशासन, वकील रतन महतो और उनकी पूरी टीम को समाज की ओर से सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।

 

इस मौके पर आदिवासी कुड़मी समाज के केंद्रीय संगठन मंत्री संजीव महतो ने कहा — “अमित महतो का सामाजिक योगदान और त्याग समाज हमेशा याद रखेगा। उनके समर्पण से प्रेरणा लेकर युवाओं को अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए आगे आना चाहिए।”

 

वहीं समाज के नेता दिनेश महतो ने कहा — “पूरा कुड़मी महतो समाज अमित महतो और उनके परिवार के साथ है।”

अमित महतो को रिहाई के बाद समाज के पदाधिकारियों ने फूल-माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उनके संघर्ष को सलाम किया।

 

मौके पर दिनेश महतो, यथार्थ महतो, रत्नाकर महतो, उमेश महतो, रवि महतो, दुर्योधन महतो, संजीव महतो, रमेश महतो सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

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