विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सदर अस्पताल, सरायकेला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और मानसिक रूप से बीमार या विकलांग व्यक्तियों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देना था।


इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, डॉ. जुझार माझी, डॉ. चंदन, डॉ. अनिबान, मनोचिकित्सक डॉ. शालिनी, तथा DLSA सचिव श्री तौसीफ़ मेराज सहित अनेक चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित थे।

श्री तौसीफ़ मेराज ने अपने संबोधन में नालसा की योजना “मानसिक बीमारी और मानसिक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवाएं योजना, 2015” पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्तियों और उनके परिजनों को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर अस्पतालों, पुनर्वास केंद्रों और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन संस्थानों में भर्ती रोगियों को उचित सुविधा, सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा मिल रही है।
वक्ताओं ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र विकास की नींव है और समाज को इस विषय पर संवेदनशील बनने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मानसिक रोग को कलंक न मानें, बल्कि ऐसे व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और सहयोग का व्यवहार करें।
शिविर में अधिकार मित्र मोहम्मद रमजान अंसारी, प्रदीप दास, सुभद्रा महतो, ज्योसना महतो, सहिया, एएनएम सहित कई स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनों ने मानसिक स्वास्थ्य और विधिक अधिकारों के प्रसार हेतु निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया।

