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मनोज चौधरी ने ZRUCC कोलकाता बैठक में रखी मांग — सरायकेला जिला मुख्यालय को रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाए

छऊ नगरी सरायकेला को रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने की जोरदार पैरवी, चाईबासा में टर्मिनल निर्माण की भी उठाई मांग

 

सरायकेला।

सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक हस्ती मनोज चौधरी ने दक्षिण पूर्व रेलवे जोनल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (ZRUCC) की बैठक में सरायकेला जिला मुख्यालय को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की जोरदार मांग उठाई। बैठक का आयोजन होटल ताज बंगाल, कोलकाता में किया गया था। बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा, कई सांसद, विधायक और समिति के सदस्य उपस्थित थे।

 

बैठक की शुरुआत में मनोज चौधरी ने महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा को पुष्पगुच्छ भेंट कर शिष्टाचार मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बैठक में सरायकेला खरसावां जिला मुख्यालय को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।

 

मनोज चौधरी ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण और विस्तार देश की शीर्ष प्राथमिकताओं में रहा है। ऐसे में झारखंड के सरायकेला जैसे गौरवशाली और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिला मुख्यालय का रेलवे नेटवर्क से न जुड़ पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छऊ नृत्य की नगरी सरायकेला को “कला और संस्कृति की राजधानी” कहा जाता है, जहाँ के सात महान विभूतियों को पद्मश्री सम्मान प्राप्त हो चुका है।

 

उन्होंने बताया कि सरायकेला खरसावां जिला एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है, जहाँ से लगभग 25,000 मजदूर प्रतिदिन साइकिल से गम्हरिया और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्रों की यात्रा करते हैं। यदि रेलवे नेटवर्क उपलब्ध हो जाए, तो शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।

बैठक में मनोज चौधरी ने दूसरी प्रमुख मांग के रूप में चाईबासा जिला मुख्यालय में पैसेंजर यार्ड (टर्मिनल) निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाईबासा, जो कोल्हन कमिश्नरी का मुख्यालय है और चक्रधरपुर मंडल में सर्वाधिक राजस्व (करीब 13,000 करोड़ रुपये) देने वाला क्षेत्र है, वहाँ आज भी रेलवे सुविधाएं न्यूनतम स्तर पर हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि टाटानगर स्टेशन का लोड कम करने हेतु कुछ ट्रेनों का पुनर्निर्धारण कर उन्हें चाईबासा से संचालित किया जाए। इसके साथ ही चाईबासा से रांची, हावड़ा, पुरी और नई दिल्ली के लिए प्रतिदिन ट्रेनों की शुरुआत की जाए।

 

मनोज चौधरी ने यह भी कहा कि चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों के विलंब, अचानक रद्द होने की घटनाएं यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई हैं। रेलवे प्रशासन को इस पर सख्त निगरानी और सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है।

 

बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो, प्रताप सारंगी, ज्योतिर्मय सिंह महतो सहित कई सांसद, विधायक, रेलवे अधिकारी और ZRUCC सदस्य मौजूद थे।

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