झारखंड में नक्सली हिंसा के पीड़ित परिवारों को 10 साल बाद मिलेगी राहत, सरकार ने जारी किया मुआवजा आदेश
झारखंड में नक्सली हिंसा के शिकार पांच पीड़ितों के परिवारों को लगभग दस साल बाद राहत मिलने जा रही है। राज्य सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इन परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी किया है कि पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता शीघ्र वितरित की जाए।


जारी आदेश के अनुसार, गुमला, लातेहार, चाईबासा और देवघर जिलों में नक्सल हिंसा में मारे गए पांच व्यक्तियों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा। देवघर के विष्णु प्रसाद, जो 2008 में नक्सली हमले में मारे गए थे, उनकी पत्नी हमेंती देव्या को मुआवजा मिलेगा। इसी तरह चाईबासा के बुधनाथ हस्सा पूर्ति (2012), गुमला के रितु बढ़ई (2013), लातेहार के सलमान अंसारी (2013) और चाईबासा के केलमेंट बरजो (2016) के परिजनों को भी एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह मुआवजा नक्सल हिंसा में मारे गए निर्दोष नागरिकों के प्रति संवेदना और न्याय का प्रतीक है। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस तरह के मामलों में मुआवजे की प्रक्रिया में देरी नहीं होगी।

