श्रीनाथ विश्वविद्यालय में इको प्रिंट की आधुनिक तकनीक पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित
जमशेदपुर।


श्रीनाथ विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स में “इको प्रिंट की आधुनिक तकनीक और उसकी संभावनाएं” विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन सहायक प्राध्यापिका सुश्री रिमी आदक और सुश्री दीपर्णा साहा ने किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को इको प्रिंटिंग की उन्नत विधियों से परिचित कराना और इसे कला क्षेत्र में एक टिकाऊ एवं रचनात्मक माध्यम के रूप में समझाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत इको प्रिंटिंग की अवधारणा पर प्रस्तुति से हुई, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार पत्तियों, फूलों, पेड़ों की छाल और अन्य प्राकृतिक तत्वों की सहायता से कपड़े और कागज़ पर आकर्षक पैटर्न बनाए जाते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता और संसाधनों के संरक्षण का भी सशक्त जरिया हो सकती है।
सैद्धांतिक परिचय के बाद प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें छात्रों ने विभिन्न प्रयोगात्मक प्रक्रियाओं — जैसे रेजिस्ट तकनीक, मल्टी-लेयर संरचना, पिगमेंट ट्रांसफर और फाइबर इंटरैक्शन — का अनुभव किया। इस दौरान प्रशिक्षकों ने इको प्रिंटिंग के वैज्ञानिक और कलात्मक पक्षों पर भी विस्तृत चर्चा की।
सत्र में इको प्रिंट की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसका प्रयोग टेक्सटाइल, फैशन डिज़ाइन, सतही सज्जा और फाइन आर्ट्स की अन्य विधाओं में किया जा सकता है। यह तकनीक न केवल कला को नया दृष्टिकोण देती है, बल्कि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी मजबूत करती है।
प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कार्यशाला के अंत में फीडबैक सत्र आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों ने कहा कि यह अनुभव उनके लिए प्रेरणादायक रहा। इस कार्यक्रम ने फाइन आर्ट्स विभाग में नवाचार, स्थिरता और अंतरविषयक शिक्षण को नई दिशा दी।

