महाविद्यालय में विभिन्न हस्तकला प्रतियोगित का हुआ शुभारंभ, विद्यार्थियों ने दिखलाया अपना हुनर
छत्तरपुर:गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल महाविद्यालय सड़मा,


छतरपुर,पलामू में झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह 2025 के शुभ अवसर पर दिनांक 11 नवंबर से 14 नवंबर तक विभिन्न कार्यक्रमों (पेंटिंग, क्विज,निबंध,भाषण प्रतियोगिता) का शुभारंभ किया गया।
आपको बतादें की कार्यक्रम का शुभारंभ 11 नवंबर को महाविद्यालय के स्मार्ट क्लास में विधिवत रूप से किया गया।
कार्यक्रम का शुरुआत धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी एवं महाविद्यालय के संस्थापक सचिव स्मृति शेष सत्यदेव प्रसाद अग्रवाल जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य अखिलेश कुमार सिंह ने परम वंदनीय मातृभूमि और हृदय सम्राट स्वामी विवेकानंद जी को याद कर अपने संबोधन में कहा कि आज जिनके जन्म जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है ऐसे महान झारखंड धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी को नमन करता हूं साथ ही स्मृति शेष संस्थापक सचिव सत्यदेव प्रसाद अग्रवाल जी को नमन करते हुए कहा कि आज भारत वंदे मातरम का सौ वर्ष मना रहा है और झारखंड अपने स्थापना का 25वा वर्ष।
सौभाग्य हम लोगों का है क्योंकि भारत जब गुलाम था तो हम आजादी के बिना अपने उद्गार, अपनी भावनाओं तक को व्यक्त नहीं कर सकते थे, खुद के मन की कोई पढ़ाई नहीं कर सकते थे, इस प्रकार की प्रतियोगिता इत्यादि नहीं कर सकते थे, परंतु आज हम अपने उद्गार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं, अपने विचार, उद्गार पेंटिंग के माध्यम से, लेख के माध्यम से, संगीत के माध्यमसे, कहानियों के माध्यम से यानी विभिन्न प्रकार से अपनी व्यथा व्यक्त कर सकते हैं अपने मन की बात रख सकते हैं।
आज इसी कड़ी में झारखंड सरकार द्वारा निर्देशित कार्यक्रम क्योंकि 25 वर्ष झारखंड ने अपने अलग होने के बाद पूरे किए, बिहार से विभाजित होने के बाद बहुत से परिवर्तन झारखंड राज्य में देखने को मिले, इन 25 वर्षों में झारखंड में कई विकास देखें, यहां पर बहुत से विश्वविद्यालय खुले, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज खुले, सड़कों के नए-नए जाल बिछे, रोजगार के नए अवसर खुले, विकास कार्यों को झारखंड की अब तक की सरकारों ने किया।
झारखंड प्रगति के पथ पर बढ़ता रहे, इन्हीं शुभकामनाओं के साथ उन्होंने अपने संबोधन में झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती और खनिज संपदाओं साथ ही बेतला नेशनल पार्क और नेतरहाट जैसे झारखंड की खूबसूरत वादियों का भी जिक्र करते हुए यहां आने वाले बाहरी और विदेशी टूरिस्ट मेहमानों और यहां की खनिज संपदाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने आगे कहा की जल,जंगल और जमीन की रक्षा हमें करनी चाहिए।
इनका संरक्षण करना हम सभी झारखंड वासियों का कर्तव्य है।
अपने संबोधन में उन्होंने छात्र-छात्राओं को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया और भगवान बिरसा मुंडा की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के प्रथम दिन पेंटिंग एवं क्राफ्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं द्वारा बनाए गए एक से बढ़कर एक पेंटिंग और क्राफ्ट आकर्षण के केंद्र रहे।
कार्यक्रम के दूसरे दिन यानी 12 नवंबर को निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया निबंध के विषय इस प्रकार थे—
1 झारखंड के विकास में उद्योग की समस्या एवं संभावनाएं।
2 झारखंड के विकास में आदिवासी दलित का योगदान।
3 झारखंड आंदोलन में महिलाओं की भूमिका।
13 नवंबर को कार्यक्रम के क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड सामान्य ज्ञान से प्रश्न पूछे गए।
14 नवंबर को भाषण प्रतियोगिता जिसका विषय “भारतीय इतिहास में बिरसा मुंडा की भूमिका” का आयोजन किया गया है।
पेंटिंग, क्राफ्ट, निबंध, क्विज प्रतियोगिता में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं ने भाग लिया।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरण के साथ ही कार्यक्रम का समापन भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमित कुमार सिंह, शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. सूर्योदय कुमार, प्रो. मुन्नी देवी, प्रो. अपराजिता प्रकाश, प्रो . इंदु कुमारी, प्रो. राजमोहन, प्रो. सुनीता कुजूर, प्रो. राज किशोर लाल, प्रो. अशोक कुमार अग्रवाल, प्रो. जलेश्वर सुरेंनं गुप्ता, प्रो. रोहित कुमार, प्रो. नैंसी गुप्ता, प्रधान सहायक योगेंद्र विश्वकर्मा, सफल कुमारमेहता, सुनीलपासवान, मनोज कुमार पासवान,बालमुकुंदपाठक, अनुज कुमार, विजय यादव, संध्याकुमारी, रेजिना तिग्गा, चंदा कुमारी, एंजेलिना खा खा, सत्येंद्र कुमार सत्या, दीपक कुमार, कृष्णानंद शर्मा, शंकरराम, बबलू मिंज, शारदा, पानपति, आनंद कुमार, प्रसाद ठाकुर, निरंजन कुमार, संजय प्रजापति, जितेंद्र कुमार इत्यादि एवं काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

