हाथी के डर से धान कटनी भी नहीं कर पा रहे किसान, झुंड से बिछड़े हाथी ने डाला डेरा
ईचागढ़ : ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र के बिस्टाटांड़ और तालापीड़ी गांव के जंगल में एक झुंड से बिछड़े हाथी ने डेरा डाले हुए हैं। हाथी दिन और रात को भी जंगल से सटे खेतों में धानों को अपना निवाला बना रहा है। धान पकते ही हाथियों का झुंड ईचागढ़ व कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के कई जंगलों में पहुंच कर खेतों में लगे धानों को चट कर रहा है।



झुंड से बिछड़े हाथी ने सोड़ो के अभीराम दास, थनंजय सिंह मुण्डा,भृगु कालिंदी, बिस्टाटांड़ में धना महतो, बलदेव महतो, आषुतोष महतो,तालापीड़ी के निमाई चन्द्र महतो, रघुनाथपुर के आसीना महतो का खेतों में लगे पके धानों को रौंद कर नष्ट कर दिया। किसान निभाई चन्द्र महतो ने बताया कि हाथी के डर से खेतों में लोग धान कटनी में जाने से भी डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झुंड से बिछड़े हाथी को वन विभाग क्षेत्र से भगाए और नष्ट किया गया धानों का समुचित मुआवजा दे ।


