सरायकेला-खरसावां : अफीम खेती पर सख्ती, पुलिस ने 450 किलो वैकल्पिक फसल बीज बांटकर दिया नया संदेश
सरायकेला-खरसावां जिले में अवैध अफीम खेती को रोकने के लिए पुलिस इस वर्ष भी प्री-कल्टीवेशन ड्राइव को तेज कर चुकी है। इसी अभियान के तहत पुलिस टीमें ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर न सिर्फ अवैध खेती की संभावनाओं की जांच कर रही हैं, बल्कि किसानों को सुरक्षित और वैकल्पिक कृषि अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।


पिछले फसलीय वर्ष के दौरान जिन क्षेत्रों में अफीम की खेती पाई गई थी, उन सभी स्थानों का इस बार विस्तृत निरीक्षण किया जा रहा है। सत्यापन में यह बात सामने आई है कि कई ग्रामीणों ने अफीम की खेती पूरी तरह छोड़कर अपने खेतों में रबी सीजन की अन्य फसलों की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों की इस सकारात्मक पहल को प्रोत्साहित करने के लिए चौका थाना प्रभारी बजरंग महतो ने सोमवार को चौका थाना क्षेत्र के दूरस्थ मुटुदा गांव में उच्च गुणवत्ता वाले चना, सरसों, गेहूं और मटर के बीज वितरित किए।
कुल लगभग 450 किलो बीज बांटे गए, जिससे करीब 70–80 किसान परिवार लाभान्वित हुए। पुलिस का उद्देश्य है कि ग्रामीण अफीम की जोखिमभरी और अवैध खेती छोड़कर अनाज और दलहनी फसलों की ओर बढ़ें, जिससे उनकी आय में भी सुधार हो सके और कानूनी परेशानियों से भी बचाव रहे।
जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी तरह अफीम की खेती से दूरी बनाए रखें और सुरक्षित, लाभकारी तथा कानूनी खेती को अपनाकर क्षेत्र को नशा-मुक्त और समृद्ध बनाने में योगदान दें।

