चाईबासा लाठीचार्ज पर चंपाई सोरेन का बड़ा हमला, कहा—राज्य में आदिवासियों पर बढ़ा दमन
चाईबासा में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और नो-एंट्री लागू करने की मांग को लेकर हुए जनप्रदर्शन पर लाठीचार्ज और FIR मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण मांग करने वाले ग्रामीणों पर आधी रात में लाठीचार्ज कराया गया और फिर फर्जी मामलों में गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेज दिया गया।


चंपाई सोरेन के अनुसार, इस कार्रवाई में पहले करीब डेढ़ दर्जन लोगों को जेल भेजा गया, जिसके बाद 75 लोगों पर नामजद और 500 अज्ञात पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए। उन्होंने इसे पूरी तरह दमनात्मक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
उन्होंने एक पीड़ित परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि एक महिला, जो प्रदर्शन में शामिल थी, पिछले एक महीने से जेल में है। उसके पति महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं, जबकि उनके छोटे-छोटे बच्चे पड़ोसियों की मदद पर निर्भर हैं। चंपाई सोरेन ने कहा कि यह स्थिति बताती है कि सरकार किस तरह आम आदिवासी परिवारों को पीड़ा और भय में धकेल रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासनकाल में आदिवासी हितों की अनदेखी, जमीन अधिग्रहण में मनमानी, जन-आंदोलनों पर बल प्रयोग और नागरिक अधिकारों के दमन जैसे मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “यह सरकार आदिवासियों के हितों के बजाय उनके संघर्षों को कुचलने में लगी है।”

