श्रीनाथ विश्वविद्यालय में फ़्यूचरप्रेन्योर हिक़ायत-ए-मुबारक का परवाना, नौ-उभरते ताजवरान-ए-स्टार्टअप ने दिखाया जलवा
उद्यमिता की रूह को बुलंद करने की ग़रज़ से श्रीनाथ विश्वविद्यालय के अहाते में दो रोज़ा “फ़्यूचरप्रेन्योर हैकाथॉन: एक स्टार्टअप मुशायरा-ए-मुक़ाबला” का आज पुर-अज़्म और पुर-शौक़ इख़्तिताम हुआ। इस नायाब इज्तिमा का एहतमाम विश्वविद्यालय के एंटरप्रेन्योरशिप सेल ने किया, जिसकी सरपरस्ती फ़ज़ीलत-माब डॉ. प्रीति किरण के दस्ते-इनायत में रही। सेल के दूसरे उम्दा अरकान—डॉ. शमीमुल, डॉ. गोपाल चंद्र, डॉ. ओजस्विनी मोहंता, श्री कविंद्रा, सुश्री जया रानी महतो और श्री अविनाश—ने भी इस क़ाफ़िले को कामियाबी की मंज़िल तक पहुँचाने में एहम किरदार अदा किया।


विभिन्न शोबे-ए-इल्म से आईं 27 टीमों और तक़रीबन 150 तलबा ने इस मुबारक मुहिम में हिस्सा लिया और अपनी फ़िक्र, तख़य्युल और मसाइल-ए-हयात के हल पेश करने की सलाहियत का शानदार मुज़ाहिरा किया।
इस मुशायरा-ए-इज्तिरा’ का असल मक़सद तलबा में इब्तिक़ारी सोच, उद्यमिता की रूह और स्टार्टअप की फ़ज़ा को मज़बूत करना था। दो रोज़ तक जारी इस मुकाबले में नौजवानों ने समाज और सनअत से जुड़ी हक़ीक़ी चुनौतियों के लिए अपने बेमिसाल और अमली तजावीज़ पेश किए। सख़्त रक़ाबत के बाद टीम ‘इकॉकिट्सट’ ने सदर-ए-अव्वल (प्रथम स्थान) हासिल किया, जबकि ‘बैकबेंचर्स’ ने मक़ाम-ए-दोम और ‘नेक्स्टगेनी लीडर्स’ ने मक़ाम-ए-सीम (तृतीय) पर क़ब्ज़ा जमाया।
कामयाब टीमों को सनदें, ताज-ए-इज़्ज़त (ट्रॉफी) और नक़दी इनामात से नवाज़ा गया। इस मुक़ाबले की पैरवी और जाँच तिजारत और सनअत की दुनिया के चार सरफ़राज़ बुज़ुर्गान—श्री रवि रंजन सिंह, श्री सुमित कुमार, श्री सैम सिन्हा और श्री सौरभ कुमार चौबे—ने की। जजों ने नौजवानों की इब्तिक़ारी सूझ-बूझ की ख़ूब दाद देते हुए फ़रमाया कि झारखंड का स्टार्टअप माहौल तेज़ी से नख़्ल-ओ-नुमा हो रहा है, और ऐसे इज्तिमात नई नस्ल के उभरते उद्यमियों को एक मज़बूत और रोशन मंच प्रदान करते हैं।
एंटरप्रेन्योरशिप सेल और विश्वविद्यालय प्रशासन ने तमाम तलबा, असातिज़ा और मुहतरम जजों के प्रति शुक्र-ओ-अहसान का इज़हार किया। यह हैकाथॉन महज़ एक मुकाबला न होकर तलबा के लिए सीख, रोशन ख़यालात और रौशन-मुस्तक़बिल की सरगोशियों को समझने का एक दिलनशीं मौक़ा साबित हुआ।


