एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस पर जागरूकता को लेकर श्रीनाथ विश्वविद्यालय में दो दिवसीय संगोष्ठी
जमशेदपुर। श्रीनाथ विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग द्वारा विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (एएमआर) जागरूकता सप्ताह 2025 के अवसर पर दो दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “अभी कार्य करें: वर्तमान की रक्षा करें, भविष्य सुनिश्चित करें” पर आधारित कार्यक्रम का उद्देश्य दवा-प्रतिरोधी संक्रमणों के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता बढ़ाना और छात्रों व विशेषज्ञों के बीच समन्वित प्रयासों को सुदृढ़ करना था।


संगोष्ठी का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित कुमार रस्तोगी के नेतृत्व में किया गया। सह-आयोजन में डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. डॉली चक्रवर्ती, श्री नीलब्ज़ा बनर्जी और सुश्री मेघा मेटे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में आईआईटी खड़गपुर के डॉ. अजीत आर. सावंत और डॉ. मौपर्णा चट्टोपाध्याय सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने एएमआर, एंटीबायोटिक उपयोग और “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए।
छात्रों ने एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस विषय पर मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से शोध और नवाचार प्रस्तुत किए। बीएससी एग्रीकल्चर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत जागरूकता नाटक को विशेष सराहना मिली। प्रतियोगिता में मौखिक प्रस्तुतीकरण में ईशिता चौधरी प्रथम रहीं, जबकि पोस्टर श्रेणी में अर्पिता और हर्ष ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. एन. सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एएमआर आज की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है, जिसका समाधान जागरूकता और जिम्मेदार व्यवहार से संभव है। रजिस्ट्रार इंचार्ज डॉ. मौसुमी महतो भी इस दौरान उपस्थित रहीं।
समापन सत्र में डॉ. रस्तोगी ने एएमआर को वैश्विक संकट बताते हुए जिम्मेदार एंटीमाइक्रोबियल उपयोग को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
प्रेषक – संजय भारती, मीडिया इंचार्ज, श्रीनाथ विश्वविद्यालय, जमशेदपुर

