दक्षिण अफ्रीका में फंसे झारखंड के 5 प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी, बकाया वेतन का भी भुगतान
दक्षिण अफ्रीका के कैमरून में फंसे झारखंड के पांच प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी मंगलवार को सुनिश्चित हो गई है। तीन-चार महीनों से बकाया वेतन न मिलने के कारण परेशान मजदूरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद झारखंड प्रवासी नियंत्रण कक्ष और भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से मजदूरों की बातचीत हुई और उनके बकाया वेतन का भुगतान किया गया।


मजदूरों में हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के सुनील महतो, सुकर महतो, करगालो के चंद्रशेखर कुमार, डीलों महतो और गिरिडीह जिले के डुमरी के दिलचंद महतो शामिल हैं। उनके परिजनों ने झारखंड सरकार और समाजसेवी सिकंदर अली के प्रति आभार व्यक्त किया।
सिकंदर अली ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए लोग विदेश जाते हैं और कई बार इस दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और वतन वापसी के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
झारखंड और केंद्र सरकार की सक्रिय पहल से मजदूरों को न सिर्फ उनका बकाया वेतन मिला, बल्कि सुरक्षित तरीके से घर लौटने का रास्ता भी साफ हुआ। मजदूरों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है और यह घटना राज्य में प्रवासी मजदूरों के हित में सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।

