एस. अली ने मुसलमानों को अधिकारों और न्याय के लिए एकजुट होने का आह्वान किया
साहिबगंज के उधवा प्रखंड के प्यारपूर बाजार में मुत्तहेदा मुस्लिम महाज की ओर से महाबैठक आयोजित की गई, जिसमें मुस्लिम समुदाय के अधिकार और न्याय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि और झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष एस. अली ने कहा कि 12वीं से 18वीं शताब्दी तक संथाल परगना क्षेत्र में मुस्लिम शासन रहा, जिसने देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज़ादी के आंदोलन से लेकर झारखंड राज्य की मांग तक मुस्लिमों का योगदान यादगार रहा है।


एस. अली ने कहा कि बंगला भाषी लोगों को “बांग्लादेशी घुसपैठिया” कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जबकि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार हाईकोर्ट में जवाब दाखिल नहीं कर सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त बिहार काल में मिले अधिकार धीरे-धीरे छीने जा रहे हैं। शिक्षा में आलिम-फाजिल डिग्री की मान्यता रोक दी गई, उर्दू स्कूलों का स्टेटस बदल दिया गया और अल्पसंख्यक युवाओं की सरकारी नौकरियों में भागीदारी कम बनी हुई है।
एस. अली ने समुदाय से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें। महाबैठक में बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाने की घोषणा की गई, जो 5 दिसंबर 2025 को पूरे राज्य में आयोजित होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना फारूक हुसैन शम्सी ने की और संचालन हाफिज सईद अख्तर ने किया। बड़ी संख्या में उलेमा और बुद्धिजीवी भी मौजूद थे।

