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डहरे टुसू महोत्सव 2026 की तैयारियाँ शुरू, साकची आम बागान मैदान में हुई अहम बैठक  

 

 

झारखंड की समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक डहरे टुसू महोत्सव आगामी 4 जनवरी 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इसी को लेकर आज साकची आम बागान मैदान में एक महत्वपूर्ण औपचारिक बैठक हुई, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यवस्थाएँ और जिम्मेदारियों को अंतिम स्वरूप दिया गया।

 

बैठक में स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों, सामाजिक–सांस्कृतिक संगठनों के प्रमुखों और बड़ी संख्या में उपस्थित समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु महोत्सव को पारंपरिक गरिमा के साथ आधुनिक व्यवस्थाओं के तहत सफलतापूर्वक आयोजित करना था।

 

बैठक में विस्तृत चर्चा के दौरान आगामी महोत्सव की तिथि 4 जनवरी 2026 को ही निर्धारित की गई। इस वर्ष टुसू गीतों, छाऊ नृत्य और स्थानीय लोक कलाओं को अधिक मंच देने पर विशेष सहमति बनी, ताकि क्षेत्रीय और जनजातीय संस्कृति का भरपूर प्रदर्शन हो सके। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की तैयारी भी की गई। स्थानीय पुलिस प्रशासन, स्वयंसेवकों और आयोजन समिति के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल के साथ व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में यह भी प्रस्ताव आया कि कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और कला क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों को आमंत्रित किया जाए, जिससे महोत्सव की गरिमा और बढ़ सके। समिति के सदस्यों का कहना था कि डहरे टुसू सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सामूहिक पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। इसलिए पूरे समुदाय को एकजुट होकर इसे सफल और यादगार बनाने की जरूरत है।

 

आयोजन समिति ने आम जनता से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बनें और सक्रिय सहभागिता के साथ महोत्सव को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहयोग करें।

 

बैठक में अभिजीत महतो, लालटू महतो, बिरेन महतो, बिशाल महतो, सुदर्शन महतो, महादेव महतो, शलेन्द्र महतो, लालदेव महतो, नारायण महतो, अंकेश कुमार, दिनेश महतो, बासुदेव महतो, सोनू महतो, मनोरंजन महतो, अनिता महतो, ममता महतो, सरत महतो, राहुल महतो, संजय महतो, विकास महतो, संटू महतो, जोगेश्वर महतो, उमापद महतो, संतोष महतो, सुनील महतो, आकाश महतो, सुजय कुमार, रवि महतो सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

 

महोत्सव की तैयारियाँ अब तेजी से शुरू हो चुकी हैं और पूरा क्षेत्र जनवरी में होने वाले इस पारंपरिक उत्सव का बड़ी उत्सुकता से इंतजार कर रहा है।

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