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कुड़मी समाज के सामाजिक पुनर्जागरण पर बोले सुदेश महतो

रांची में आयोजित दो दिवसीय कुड़मालि नेगाचारी देसजाड़पा महाधिवेशन के समापन समारोह में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने समाज और युवाओं को जागरूक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुड़मी समुदाय लंबे समय से राजनीतिक साजिशों का शिकार रहा है, इसलिए आवश्यक है कि समाज अपनी एकता और पहचान को मजबूत करे।

 

महतो ने कार्यक्रम में कहा कि युवाओं में सकारात्मक बदलाव और सांस्कृतिक विरासत को संवारने की नई चेतना दिख रही है। यह खुशी की बात है कि युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों के सपनों को आगे बढ़ाने के लिए आगे आ रही है। उन्होंने दहेज और शराब जैसी कुरीतियों को समाज के नुकसान का कारण बताते हुए उनसे दूर रहने की सलाह दी।

 

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी शोध और अध्ययन के माध्यम से सामाजिक पुनर्जागरण की दिशा में पहल कर रही है और यह एक सराहनीय कदम है। राजनीतिक मतभिन्नता को अलग रखते हुए सामाजिक व सांस्कृतिक मुद्दों पर एकजुट होने की जरूरत है।

 

पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने बताया कि वर्ष 2004 में सुदेश महतो ने कुड़मी समाज को आदिवासी दर्जा दिलाने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल से पारित करवा कर केंद्र को भेजा था। आज भी एसटी स्टेटस और कुड़मालि भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के प्रयास जारी हैं।

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