मधुश्री महतो की पहल का असर: 10–12 साल से जमे मनरेगा कर्मियों का तबादला आदेश जारी
सरायकेला-खरसावां।


जिला परिषद उपाध्यक्ष श्रीमती मधुश्री महतो द्वारा उठाए गए सवालों और जनहित में की गई पहल का बड़ा असर सामने आया है। जिले के सभी प्रखंडों में पिछले 10 से 12 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत मनरेगा के संविदा कर्मियों—कनीय अभियंता, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक लेखा, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मचारियों—के स्थानांतरण पर आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार श्रीमती महतो ने यह मुद्दा जिला परिषद की बैठक में जोरदार तरीके से उठाया था। साथ ही 13 जून 2025 को कुकड़ू जनता दरबार में भी उन्होंने मनरेगा सेवा शर्त नियमावली के आलोक में स्थानांतरण को आवश्यक बताते हुए अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी थी।
इसके बाद उन्होंने DC और DDC को इस संबंध में औपचारिक पत्र भी लिखा था।
इन सभी प्रयासों के बाद जिले में जनहित एवं कार्यहित को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त सरायकेला-खरसावां ने 5 नवंबर 2025 को आदेश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि सभी संबंधित मनरेगा संविदा कर्मी तीन दिनों के भीतर अपने नए प्रतिनियोजन कार्यालय में योगदान दें।
उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि वर्षों से एक ही प्रखंड में पदस्थापित रहने से कई स्तरों पर असंतुलन और कार्य में पारदर्शिता की कमी देखने को मिलती है। इसलिए यह कदम पूरी तरह से जनहित और प्रशासनिक सुधार को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
जिला प्रशासन के इस निर्णय से मनरेगा व्यवस्था में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

