जीवन प्रमाण पत्र अपडेट के नाम पर साइबर ठगी, नसीम अंसारी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रकाश कुमार गुप्ता


चाईबासा: मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के करलाजोड़ी निवासी रिटायर्ड बैंककर्मी परमेश्वर पुरती के खिलाफ जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कराने के नाम पर साइबर अपराधियों द्वारा कुल 16 लाख 92 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया। शिकायत के आधार पर मुफ्फसिल थाना ने 13 नवंबर 2025 को कांड सं. 185/2025 दर्ज किया। इसमें भारतीय दंड संहिता एवं IT Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
आज शुक्रवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर चाईबासा बहामन टूटी ने प्रेस वार्ता कर उक्त बातों की जानकारी दी। उन्होंने ने बताया कि पुलिस अधीक्षक, प. सिंहभूम, चाईबासा के निर्देशन में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने सबसे पहले साइबर टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल कर विवादित सभी खातों को होल्ड कराते हुए अपराधियों की पहचान की और त्वरित कार्रवाई की। तकनीकी साक्ष्य और CCTV फुटेज के आधार पर टीम ने पहले मो. सकीर अंसारी को 6 दिसंबर 2025 और मो. इकबाल अहमद को 7 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
इसी कार्रवाई के क्रम में आज टीम ने अपराधी मो. नसीम अंसारी (उम्र लगभग 28 वर्ष, पिता: क्यूम मियाँ, परसनी, कांकी, खागा जिला, देवघर) को गिरफ्तार किया। नसीम अंसारी ने अपने जुर्म की पुष्टि की और बताया कि इस ठगी में अन्य साइबर अपराधी भी संलिप्त हैं। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल भी बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि नसीम अंसारी का पहले भी साइबर और अन्य अपराधों में आपराधिक इतिहास रहा है।
विशेष छापामारी टीम में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, तकनीकी शाखा के चंद्र शेखर और मुफ्फसिल थाना एवं रिजर्व गार्ड के नागेंद्र शामिल थे।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी अंजान व्यक्ति द्वारा कॉल आने पर अपना निजी डेटा साझा न करें। किसी भी तरह का बैंक अकाउंट या ATM कार्ड किसी को न दें। ऐसा करने पर आप भी साइबर अपराध में भागीदार माने जाएंगे। साइबर ठगी या अन्य संबंधित मामलों में तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएँ।
इस मामले में जांच अभी भी जारी है और अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में सजग रहने और तकनीकी माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने की जरूरत है, ताकि आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके।

