पश्चिमी सिंहभूम के रघुनाथ बिरुवा का संयुक्त राष्ट्र संघ में UN वॉलंटियर के रूप में चयन
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत बड़ा-लागड़ा गांव निवासी रघुनाथ बिरुवा का चयन संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के अंतर्गत यूएन वॉलंटियर के रूप में किया गया है। वे संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत अपनी सेवाएं देंगे। इस उपलब्धि से जिले सहित पूरे कोल्हान क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।


रघुनाथ बिरुवा “हो” आदिवासी समुदाय से संबंध रखते हैं और वर्तमान में भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) में इतिहास विषय में पीएचडी शोधकर्ता हैं। उन्होंने कोल्हान विश्वविद्यालय के इतिहास स्नातकोत्तर विभाग से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है। इसके साथ ही वे दो बार यूजीसी नेट (इतिहास) परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुके हैं।

शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ रघुनाथ बिरुवा ने शोध के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे कोल्हान विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. सुनीता कुमारी के मार्गदर्शन में आईसीएसएसआर, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित “पश्चिमी सिंहभूम से आदिवासी पलायन” जैसे राष्ट्रीय स्तर के शोध प्रोजेक्ट पर कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा वे समय-समय पर कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
यूएनडीपी के अंतर्गत यूएन वॉलंटियर के रूप में चयन होने पर रघुनाथ बिरुवा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, केआईएसएस विश्वविद्यालय के संस्थापक अच्युत समांता, अपने मार्गदर्शक एवं शिक्षकों तथा सहयोगियों को दिया है। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी।
रघुनाथ बिरुवा ग्रामीण शिक्षा दीप संस्था के सक्रिय सदस्य भी हैं। उनके चयन पर संस्था के अध्यक्ष बनमाली तामसोय सहित पूरी टीम ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनके इस चयन को स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया जा रहा है।

