साहिबगंज में 40 सांपों का सुरक्षित पुनर्वास, वन विभाग ने दिखाई सतर्कता
साहिबगंज वन विभाग की देखरेख में कुल 40 सांपों को सुरक्षित रूप से आबादी से दूर जंगलों में छोड़ा गया। यह कार्य प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर जितेन्द्र हजारी के सहयोग से मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


रेस्क्यू किए गए सांप विभिन्न क्षेत्रों से सुरक्षित रूप से लाए गए थे। इनमें कुल 8 प्रजातियां शामिल थीं, जिनमें विषैले और अविषैले दोनों प्रकार के सांप मौजूद थे। कुल सांपों में 15 गेहुमन, 12 रसल वाइपर, 2 धामण, 6 सैकड़ा, 4 सुगवा, 1 डोरवा, 1 बैंडेड रेसर और 1 ट्रिकेट स्नेक शामिल था।
सभी सांपों को सुरक्षित कंटेनरों में रखकर उनके प्राकृतिक आवास के अनुकूल क्षेत्रों में छोड़ा गया, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव किया जा सके। वन विभाग ने यह सुनिश्चित किया कि पुनर्वास प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित हो।
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी स्थान पर सांप दिखाई दे तो घबराएं नहीं और तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर को सूचना दें। इस तरह की सतर्कता से मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को रोका जा सकता है।
साहिबगंज में इस पहल से वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय समुदाय में सुरक्षा की भावना मजबूत करने में मदद मिलेगी।

