दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा ने बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन एवं रेलवे साइडिंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने जीएम से मुलाकात कर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा।
मधु कोड़ा ने मांग पत्र के माध्यम से बताया कि गार्डेनरीच, कोलकाता प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चक्रधरपुर रेल मंडल से प्रतिवर्ष यात्री एवं माल परिवहन के माध्यम से अरबों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, इसके बावजूद क्षेत्र के यात्रियों को पर्याप्त रेल सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल से होकर गुजरने वाली हावड़ा–बड़बील, हावड़ा–टाटा, हावड़ा–राउरकेला, टाटा–गुवा, टाटा–बड़बील, पुरी–बड़बील एक्सप्रेस सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रतिदिन 5 से 6 घंटे की देरी से संचालित हो रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इन ट्रेनों के संचालन को समयबद्ध करने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी चिंता जताई कि स्कूली बच्चों को प्रतिदिन रेलवे ट्रैक पार कर विद्यालय जाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन क्षेत्र एवं रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग रखी गई।
इस पर जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने आश्वासन दिया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शीघ्र ही ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेशन सौंदर्यीकरण का पूर्व में दिया गया ठेका कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं होने के कारण रद्द कर दिया गया है। अब जल्द ही नया टेंडर जारी कर बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। साथ ही रेलवे फाटक पर भी ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। इस मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य शंभू हजरा, अजय सिंह, प्रफुल्ल महाकुड़, मनोज सुल्तानिया, ललिया दास सहित अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।