मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
चाईबासा: केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को निरस्त करने एवं उससे महात्मा गांधी का नाम हटाने के प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेसजनों ने बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के गांधी मैदान में महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।


प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि मनरेगा जन आंदोलनों से निकला कानून है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी दी है। इस कानून के माध्यम से गांवों में सौ दिनों के रोजगार, महिलाओं और भूमिहीनों के सशक्तिकरण तथा श्रम की गरिमा को सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे निरस्त करने या इससे महात्मा गांधी का नाम हटाने का प्रयास अत्यंत चिंताजनक है।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सन्नी सिंकु ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना एक सोची-समझी साजिश है। महात्मा गांधी श्रम की गरिमा और सामाजिक न्याय के प्रतीक रहे हैं। वहीं कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि यह नाम परिवर्तन राष्ट्रपिता के मूल्यों को मिटाने का प्रयास है, जिसे कांग्रेस गंभीरता से ले रही है।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश सचिव अशरफुल होदा, अनुसूचित विभाग कोल्हान प्रभारी सुरज मुखी, जिला महासचिव लियोनार्ड बोदरा, युवा कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष पूर्णचन्द्र कायम, प्रखंड अध्यक्ष दिकु सावैयां, सकारी दोंगो, नगर अध्यक्ष मो. सलीम, महासचिव नसीम अख्तर, अल्पसंख्यक विभाग जिला उपाध्यक्ष राखी सालुजा, वरिष्ठ कांग्रेसी विजय सिंह सुम्बरुई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

