जिला परिषद की सामान्य बैठक में विकास, पेयजल और शिक्षा पर हुए अहम निर्णय
चाईबासा: चाईबासा स्थित जिला परिषद सभागार में 22 अगस्त 2025 को जिला परिषद, पश्चिमी सिंहभूम की सामान्य बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष सुश्री लक्ष्मी सुरेन ने की। बैठक की शुरुआत झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन एवं तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्वर्गीय राम दास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।


बैठक में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला अभियंता, जिला परिषद के सदस्य, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख तथा कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। इससे पूर्व 11 मार्च 2025 को हुई पिछली बैठक की कार्यवाही को पढ़कर सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।

बैठक के दौरान तांतनगर प्रखंड से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। इसमें जलजमाव वाले क्षेत्रों में डीडीटी छिड़काव, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, प्रखंड मुख्यालय तक सड़क निर्माण, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में कर्मियों की कमी तथा पशु चिकित्सालय और चिकित्सकों की अनुपलब्धता शामिल रही। साथ ही चिटीमिटी-जोबरोबासा गांव के कुछ हिस्सों तक जल नल योजना का लाभ नहीं पहुंचने की जानकारी भी दी गई।
जिला परिषद परिसर में जर्जर हो चुके विपणि भवन को खाली कराने और उसके स्थान पर नया भवन निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा नवनिर्मित लॉज, डाक बंगला, बस पड़ाव और मार्केट कॉम्प्लेक्स के लिए जमानत राशि और किराया तय किया गया।
मनोहरपुर, मझगांव सहित अन्य प्रखंडों में मार्केट कॉम्प्लेक्स, बस पड़ाव और चारदीवारी निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार कर राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। जिला परिषद कार्यालय परिसर में शिक्षा विभाग से बकाया किराया की वसूली के लिए पत्राचार करने तथा भुगतान नहीं होने की स्थिति में भवन खाली कराने का भी निर्णय लिया गया।
अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए पंचायतों और अंचल कार्यालयों को राहत सामग्री और तिरपाल उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। शिक्षा से जुड़े मामलों में कस्तूरबा विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी, जर्जर स्कूल भवन, शिक्षकों की कमी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन न होने पर चिंता जताई गई।

बैठक में बढ़ते नशापान, साप्ताहिक बाजारों में लगने वाले जाम, योजनाओं के उद्घाटन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं करने तथा कार्य शुरू नहीं करने वाले संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।
इसके अलावा कार्यालय संचालन, वाहन डीजल, मरम्मत, उपकरण खरीद, अल्पाहार एवं अन्य मदों में किए गए व्यय को सदन द्वारा घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में जिले के समग्र विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

