अंतरराष्ट्रीय श्रीनाथ हिंदी महोत्सव में निर्णायक बने गुरुचरण महतो
जमशेदपुर: झारखंड के आदित्यपुर, जमशेदपुर स्थित श्रीनाथ यूनिवर्सिटी जमशेदपुर के तत्वावधान में कल आयोजित नौवां अंतर्राष्ट्रीय श्रीनाथ हिंदी महोत्सव में बतौर निर्णायक के रुप में गुरुचरण महतो अपवाद उपस्थित रहे। हिंदी साहित्य के नौ रस के थीम पर आधारित इस हिंदी भाषा व साहित्य महासंगम में जमशेदपुर एवं झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। नौ रसों के आधार पर प्रत्येक विश्वविद्यालय से दो दो छात्र, जिसमें एक सुत्रधार की भूमिका में जबकि दूसरा कोई एक रस के प्रसिद्ध साहित्यकार के वेशभूषा में खुद को प्रस्तुत किए हुए थे।



निर्णायक के रुप में श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुखदेव महतो और कुलपति शिवा नंद सिंह से सम्मानित होने के बाद मंच साझा करते हुए गुरुचरण महतो ने कहा कि यह हिंदी भाषा ही है जिसमें मुझे वैश्विक भाषा बनने का सामर्थ्य दिखता है। दूसरों तक अपनी विचार पहुंचाने की भाषा कुछ भी हो पर दिलों को छूने की काबिलियत सिर्फ हिंदी में है।

17 से 19 तक चलने वाले इस कार्यक्रम का पहला दिन अत्यंत ही रोचक और मनोरंजक रहा जिसमें साहित्यिक कृति प्रतियोगिता के अलावा हास्य कवि सम्मेलन, मुखड़े पे मुखड़ा, शब्द संग्राम, नुक्कड़ नाटक जैसे साहित्यिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

