RIMS जमीन अतिक्रमण मामला: हाईकोर्ट सख्त, ACB जांच के आदेश
झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स (RIMS) की जमीन पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामले को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस पूरे प्रकरण की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB से कराने का निर्देश दिया है। साथ ही इसमें शामिल दोषी अधिकारियों, संस्थाओं और बिल्डरों की भूमिका की गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।


मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुजीत नारायण की खंडपीठ ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि रिम्स के लिए अधिग्रहित जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त, गलत तरीके से नक्शा पास कराने और बैंकों द्वारा फ्लैटों पर लोन देने की प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए।
हाईकोर्ट ने इस मामले में आम नागरिकों के प्रति सहानुभूति जताई, जो बैंक से कर्ज लेकर फ्लैट खरीदने के बाद धोखाधड़ी का शिकार हुए। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन इसकी भरपाई सरकारी खजाने से नहीं होगी।
न्यायालय ने आदेश दिया है कि दोषी अधिकारियों और बिल्डरों से वसूली कर आम लोगों के नुकसान की भरपाई की जाए। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी।

