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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन एवं क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट पर एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

 

जमशेदपुर, 22 दिसंबर।

सिविल सर्जन कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में सोमवार को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सभागार, जमशेदपुर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) एवं क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. साहिर पाल ने की।

प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, निजी अस्पताल, क्लिनिक तथा अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालकों ने भाग लिया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निदेशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य निजी स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ना एवं वैधानिक प्रावधानों की जानकारी देना था।

प्रशिक्षण सत्र में सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, राज्य प्रशिक्षक रश्मि नंदे, डॉ. रंजना, जिला डाटा प्रबंधक दिलीप कुमार, जिला परियोजना समन्वयक (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक (आयुष्मान भारत) उपस्थित रहे। प्रशिक्षकों ने बताया कि आभा कार्ड के माध्यम से नागरिकों का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, जिससे उपचार के दौरान मरीजों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी व सुलभ बनेंगी।

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा आभा कार्ड बनाना अनिवार्य है। साथ ही प्रत्येक निजी स्वास्थ्य संस्थान को हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) एवं हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) में पंजीकरण कराना आवश्यक है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए सभी प्रतिभागियों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया।

जिला डाटा प्रबंधक द्वारा क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत निजी अस्पतालों के पंजीकरण एवं नवनीकरण की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया। अधिनियम में उल्लिखित विभिन्न धाराओं पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी संस्थानों को बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का अनुपालन करना अनिवार्य है। इसके अलावा सभी निजी अस्पतालों में पूछताछ केंद्र के समीप चिकित्सकों का नाम, पंजीकरण संख्या तथा सेवा शुल्क हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में प्रदर्शित करना आवश्यक होगा। साथ ही ब्लड बैंक, अग्निशमन सेवा एवं पुलिस जैसे महत्वपूर्ण दूरभाष नंबर प्रदर्शित करना भी अनिवार्य बताया गया।

प्रशिक्षण के दौरान निजी अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी गई तथा उन्हें विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी निजी अस्पतालों एवं क्लिनिक संचालकों को अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों का आभा कार्ड बनाकर उन्हें डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य संस्थानों को HFR एवं HPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण सुनिश्चित करने की अपील की।

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