पेयजल समस्या को लेकर 48 घंटे का उपवास शुरू
जगन्नाथपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): आज बुधवार को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में क्षेत्र की पेयजल समस्या को लेकर जगन्नाथपुर अनुमंडल कार्यालय के पास सुबह 10 बजे से 48 घंटे का उपवास शुरू किया गया।


उपवास के दौरान बताया गया कि क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लगभग 50 प्रतिशत चापाकल खराब पड़े हुए हैं। चापाकल की मरम्मती की मांग बार-बार करने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि डीएमएफटी फंड लूट का फंड बन गया है। इस फंड से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जा सकती है, लेकिन जनप्रतिनिधि विधायक, सांसद, अधिकारी और ठेकेदार इस राशि को पीसीसी पथ निर्माण में खर्च कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर कमीशन लेकर मालामाल हो रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए कोई खर्च नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में पेयजल और बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पर जिला प्रशासन द्वारा केस कर दिया जाता है, ताकि गरीबों के पक्ष में आवाज न उठाई जा सके। प्रशासन द्वारा आवाज दबाने का काम किया जा रहा है।
उपवास प्रदर्शन के माध्यम से कहा गया कि मनुष्य की जिंदगी में पानी बहुमूल्य है। हम पानी मांग रहे हैं, किसी के हिस्से की जमीन नहीं मांग रहे हैं। जिला परिषद की सामान्य बैठक सदन में पेयजल समस्या, चापाकल एवं जल मीनार की मरम्मती का मुद्दा उठाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार पर भी काम नहीं करने का आरोप लगाया और मांग की कि जितने भी खराब पड़े चापाकल और जल मीनार हैं, उनकी मरम्मती अभिलंब कराई जाए।
मौके पर चुम्बूरू पिगुवा (जिला सचिव), नरसिंह पुरति, बिन्दराय सुरेन, रधुनाथ पिंगुवा, लखन हेस्सा, कान्डे राम, गोवर्धन नायक, भुषण तिरिया, सचिन तिरिया, सवन बोबोंगा, पराए केराई, नरकान केराई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

