बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव में पश्चिमी सिंहभूम की शैक्षिक टीम हुई शामिल
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के तत्वावधान में होटल चाणक्य बीएनआर में 7 और 8 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव में पश्चिमी सिंहभूम जिले की शैक्षिक टीम ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में हो भाषा का प्रतिनिधित्व करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो और जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार शामिल हुए।


पश्चिमी सिंहभूम की टीम में जिला शिक्षा विभाग के एडीपीओ शिवकुमार मल्लिक, क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी राजेश पासवान और शालिनी डुंगडुंग, बीआरपी पंचानंद महतो, सीआरपी सुब्रत चंद्र त्रिपाठी तथा बहुभाषी शिक्षा के पुस्तक निर्माण में सहयोगी और राज्य साधन समूह के शिक्षक-शिक्षिकाएं कृष्णा देवगम, नवीन कुमार झा, राजेश सिंकू, मंगल सिंह मुंडा, संजीव कुमार बलमुचु, पासिंग फिलिप सुंडी, दमयंती बिरुवा, विनिता कुमारी गोप, देवीलाल पुरती, विद्यासागर लागुरी और हरिश्चंद्र लागुरी शामिल रहे।

कॉन्क्लेव के दौरान जिले की बहुभाषी शिक्षा टीम ने विद्यालयों में पलाश कार्यक्रम के तहत संचालित बहुभाषी शिक्षा के माध्यम से बच्चों के पठन-पाठन में हो रहे शैक्षिक परिवर्तन पर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर पुस्तक निर्माण में सहायक भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
कॉन्क्लेव में बहुभाषी शिक्षा के महत्व और आवश्यकता पर परिचर्चा की गई। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उनकी मातृभाषा के माध्यम से शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा पलाश नामक पुस्तक का निर्माण कर मातृभाषा आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पठन-पाठन को रोचक बनाया जा सके।
कॉनक्लेव में हो भाषा में कार्य कर रहे लेखक डॉ दमयंती सिंकू देवगम, डॉ प्रदीप कुमार बोदरा, डॉ अनुराधा मुंडु, शोधकर्ता संजय गागराई, तथा पलाश कार्यक्रम के अंतर्गत लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन से विवांशु सिंह और कमल लोचन प्रमाणिक ने हो भाषा समूह का प्रतिनिधित्व किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़, असम, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओड़िशा के भाषा विशेषज्ञों ने भी बहुभाषी शिक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
दो दिवसीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव का उद्घाटन शहरी विकास एवं आवास विभाग, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, पर्यटन, कला संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने किया।

