बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत चाईबासा में अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला आयोजित
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय स्थित सभागार में आज समाज कल्याण निदेशालय, झारखंड के तत्वावधान में सुरक्षित एवं सशक्त महिला–सशक्त झारखंड के उद्देश्य से बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया।


कार्यशाला का शुभारंभ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला उपायुक्त चंदन कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सिविल सर्जन डॉ भारती गोरती मिंज, अपर उपायुक्त प्रवीण केरकेट्टा, सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्वेता भारती सहित जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, मानकी-मुंडा, प्रखंड प्रमुख आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पौधा, अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि बाल विवाह और डायन प्रथा सामाजिक बुराई और जघन्य अपराध हैं, जो महिलाओं और बालिकाओं के विकास, सुरक्षा और शिक्षा में बाधा उत्पन्न करते हैं। उन्होंने कहा कि ये कुरीतियां केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि सशक्त समाज के निर्माण में भी बड़ी रुकावट हैं।

उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना ही इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को बाल विवाह और डायन प्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाने की शपथ भी दिलाई।
उपायुक्त चंदन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मंईया सम्मान योजना, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण में आने वाली बाधाओं को दूर कर बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा हेल्पलाइन 112 की जानकारी भी दी।

उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने हाल के दिनों में खेल जगत में उपलब्धि हासिल करने वाली महिला टीमों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज में रहने वाली बहनें और बेटियां भी आगे बढ़ सकती हैं, यदि उन्हें सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण मिले।
कार्यशाला में बड़ी संख्या में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य लोग उपस्थित रहे।

