नशामुक्त भारत की ओर: सरायकेला-खरसावां में व्यापक जागरूकता अभियान
सरायकेला-खरसावां, झारखंड – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा श्री रामाशंकर सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), सेराइकेला के मार्गदर्शन एवं श्रीमती अनामिका किस्कु, सचिव (प्रभारी), DLSA, सेराइकेला के पर्यवेक्षण में आज जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान NALSA की महत्वाकांक्षी DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation) योजना, 2025 का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत को नशामुक्त बनाना है।


अभियान की प्रमुख गतिविधियाँ
झुग्गी-झोपड़ियों एवं ग्रामीण इलाकों में पहुँच: पैरालीगल वॉलंटियर्स ने घर-घर जाकर लोगों से संवाद किया और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की।
माता-पिता एवं युवाओं के साथ बैठकें: युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी गई तथा माता-पिता को बच्चों पर निगरानी रखने और संवाद बढ़ाने की सलाह दी गई।

प्रारंभिक रोकथाम एवं परामर्श सत्र: विशेषज्ञों द्वारा नशे की लत से बचाव के उपाय बताए गए और जरूरतमंदों को परामर्श उपलब्ध कराया गया।
पुनर्वास पर जागरूकता: नशे से पीड़ित लोगों के लिए उपलब्ध पुनर्वास केंद्रों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशा बहुओं का सहयोग: स्थानीय स्तर पर अभियान को प्रभावी बनाने में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।
हेल्पलाइन नंबरों का सार्वजनिक प्रदर्शन: लोगों को सहायता प्राप्त करने के लिए आवश्यक संपर्क साधन उपलब्ध कराए गए।
सामुदायिक सहभागिता
अभियान के दौरान विभिन्न ग्राम सभाओं, मोहल्ला बैठकों और सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ, किशोर एवं युवा शामिल हुए। लोगों ने नशे के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता जताई और समाज को स्वस्थ एवं सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया।
DAWN योजना का महत्व
NALSA की DAWN योजना, 2025 का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि समाज को एक सकारात्मक दिशा देना भी है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को शिक्षा, रोजगार और समाज सेवा की ओर प्रेरित किया जाता है। साथ ही, नशे की लत से जूझ रहे लोगों को पुनर्वास एवं परामर्श की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
समाज पर सकारात्मक प्रभाव
इस अभियान के माध्यम से लोगों को नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। युवाओं को बताया गया कि नशा न केवल उनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज की संरचना को भी कमजोर करता है।
लोगों ने इस अभियान को सराहा और इसे समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
निष्कर्ष
सेराइकेला-खरसावां जिले में आयोजित यह जागरूकता अभियान नशामुक्त भारत की दिशा में एक सशक्त पहल है। पैरालीगल वॉलंटियर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने इसे सफल बनाया। यह अभियान आने वाले समय में समाज को नशे से मुक्त करने और युवाओं को सही दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

