जागरूक रहेंगे तभी शरीर और परिवार स्वस्थ रहेगा : जोबा माझी
चक्रधरपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को चक्रधरपुर स्थित अनुमंडल अस्पताल प्रांगण में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया। मेले का उद्घाटन सिंहभूम की सांसद जोबा माझी और विधायक सुखराम उरांव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।


इस अवसर पर सांसद जोबा माझी ने कहा कि सरकार लोगों को निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा दे रही है। समय पर जांच कराने से गंभीर बीमारी भी ठीक हो सकती है। उन्होंने लोगों से झाड़-फूंक से बचने और डॉक्टरों से इलाज कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि शरीर अनमोल है, इसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। जब शरीर और परिवार स्वस्थ रहेगा, तभी बेहतर सोच संभव है। दवा समय पर लेने और नियमित जांच कराने पर उन्होंने जोर दिया।

विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि किसी भी बीमारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सभी बीमारियां जानलेवा हो सकती हैं, लेकिन समय पर पहचान होने पर इलाज संभव है। इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना की जानकारी लेकर उसका लाभ उठाने की अपील की।
अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा अंशुमन शर्मा ने बताया कि सेवा और समीक्षा के उद्देश्य से प्रदर्शनी के रूप में स्वास्थ्य मेला लगाया गया है। मेले में बाल विकास, समाज कल्याण और विधिक सेवा विभाग सहित यूनिसेफ, टाटा स्टील फाउंडेशन और एकजुट संस्था ने भी सहयोग किया। उद्घाटन सत्र के दौरान टीबी उन्मूलन में सहयोग करने वाले एनजीओ और समाजसेवियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर यूनिसेफ मातृत्व इकाई की परामर्शी अनु कुमारी, प्रखंड प्रमुख ज्योति सिजुई, उप प्रमुख विनय प्रधान, प्रो नागेश्वर प्रधान, विजय सिंह सामाड, ताराकांत सिजुई, मनोज भगेरिया, कुमारी इंदिरा, अंकित मेमोरियल ट्रस्ट के एके पांडेय समेत अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और कर्मचारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मेला में लगाए गए स्टाल
स्वास्थ्य मेला में डिजिटल स्वास्थ्य आईडी निर्माण, गैर संचारी रोगों की जांच, आयुष्मान भारत कार्ड निर्गत, सामान्य चिकित्सा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, मोतियाबिंद, ईएनटी, दंत, त्वचा, आंखों की जांच, पोषण परामर्श, एचआईवी/एड्स, कुष्ठ, टीबी, मलेरिया, कैंसर जागरूकता, तंबाकू व धूम्रपान के दुष्परिणाम, स्वच्छता, पुनर्वास तथा आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी पद्धति से उपचार, परामर्श और दवा वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

