बेनीसागर में हाथी का तांडव, वन विभाग कर्मी समेत तीन की मौत, नौ दिनों में 22 – 23 लोगों की गई जानें, कई घायल
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): पश्चिमी सिंहभूम जिले के बेनीसागर क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में वन विभाग के एक कर्मचारी सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही जिले में बीते नौ दिनों के भीतर हाथियों के हमले में मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़कर 22 हो गई है। लगातार हो रही घटनाओं से पूरे जिले में दहशत का माहौल है।


बेनीसागर की ताजा घटना ने हाथी नियंत्रण को लेकर सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की विफलता का नतीजा है। हालात इतने भयावह हैं कि एक ही हाथी पूरे इलाके में आतंक का पर्याय बन चुका है।
वन विभाग द्वारा हाथियों को खदेड़ने और नियंत्रण के लिए हर वर्ष बड़े बजट खर्च किए जाने के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस परिणाम नजर नहीं आ रहा है। विभाग की क्विक रिस्पांस टीम की मौजूदगी के बावजूद गांवों में समय पर न तो चेतावनी दी जा रही है और न ही प्रभावी कार्रवाई हो पा रही है।
बेनीसागर की घटना में वन विभाग के कर्मचारी की मौत ने विभाग की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब प्रशिक्षित कर्मियों की ही सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो आम ग्रामीणों की सुरक्षा कैसे होगी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद समय रहते गांवों को अलर्ट नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि मुआवजा समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि हाथी कॉरिडोर की मैपिंग, सौर बाड़ और अन्य स्थायी उपायों की जरूरत है, ताकि जानमाल की रक्षा हो सके।

