मो बारीक ने झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन को सर्वोच्च सम्मान देने की सरकार से मांगी मांग
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के सचिव और प्रवक्ता मो बारीक ने राज्य सरकार से मांग की है कि झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को जाति, पार्टी और धर्म से ऊपर उठकर गजट नोटिफिकेशन द्वारा सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन के योगदान और संघर्ष का इतिहास 1973 और उससे पहले महाजनी प्रथा के खिलाफ अभियान से लेकर झारखंड अलग राज्य आंदोलन तक स्पष्ट रूप से दर्ज है।


मो बारीक ने प्रेस बयान में कहा कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 2022 में गृह कारा आपदा प्रबंधन विभाग जांच अधिनियम 1952 के तहत स्वतंत्रता सेनानी के रूप में गजट नोटिफिकेशन द्वारा सम्मानित किया गया था और संसद भवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई। इसी तरह झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन को भी पूर्ण सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि अपने ही घर में किसी को उचित सम्मान नहीं मिलता है तो यह पीड़ा का विषय है। गजट नोटिफिकेशन के पश्चात 11 जनवरी 2026 को उनकी जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई जानी चाहिए। मो बारीक ने कहा कि शिबू सोरेन को सम्मान देने का कार्य झारखंड सरकार के लिए उत्कृष्ट उदाहरण होगा और इससे पूरे झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान भी सुनिश्चित होगा।

