डांगुवापोसी में गोप–गौड़ आरक्षण आंदोलन की रणनीतिक बैठक, पिछड़ा वर्ग एकजुटता का आह्वान
डांगुवापोसी(प्रकाश कुमार गुप्ता): डांगुवापोसी (डीपीएस) में रविवार को गोप–गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक साधारण चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि पिछड़ा वर्ग आरक्षण आंदोलन को नई दिशा देने और आगे की रणनीति तय करने के उद्देश्य से की गई।


बैठक को संबोधित करते हुए समिति के केंद्रीय अध्यक्ष धी रामहरि पेरियार ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को जाति और उपजातियों में बांटकर कमजोर करने की साजिश लंबे समय से चल रही है। अब इस भ्रम को तोड़ने का समय आ गया है। अलग–अलग लड़ने से अधिकार नहीं मिलेंगे, बल्कि एकजुट संघर्ष से ही हक हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई दया नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है, जिसे बहानों और टालमटोल के जरिए छीना जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल आश्वासन देकर पिछड़ा वर्ग को शांत रखने की कोशिश कर रही है, जबकि जिला स्तर से लेकर प्रशासनिक नियुक्तियों तक पिछड़ा वर्ग को योजनाबद्ध तरीके से बाहर रखा जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज भी पिछड़ा वर्ग एकजुट नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ियां हमें माफ नहीं करेंगी। यह लड़ाई सम्मान, अस्तित्व और भविष्य की है।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब केवल ज्ञापन देने तक आंदोलन सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में गांव–गांव जनजागरण अभियान चलाया जाएगा, युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और आवश्यकता पड़ी तो सड़क से सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय संरक्षक विपिन गोप और केंद्रीय उपाध्यक्ष भारत गोप भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को अपनी संख्या, शक्ति और संवैधानिक अधिकार का अहसास कराना होगा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले में जिला सदस्य सहित विभिन्न पदों की वैकेंसियों में पिछड़ा वर्ग की भागीदारी शून्य है, जबकि योग्य और शिक्षित युवाओं को जानबूझकर हाशिये पर रखा जा रहा है। इसे उन्होंने सामाजिक अन्याय और संवैधानिक उल्लंघन बताया।
डांगुवापोसी की इस बैठक से यह संदेश गया कि पिछड़ा वर्ग अब चुप नहीं रहेगा और अपने अधिकार लेकर ही रुकेगा। अंत में जिले के समस्त पिछड़ा वर्ग समाज से अपील की गई कि वे इस आंदोलन को अपनी व्यक्तिगत लड़ाई समझें, आपसी मतभेद भूलकर एकजुट हों और संघर्ष को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाएं।
बैठक में सोनाराम गोप, सुखदेव गोप, भरत गोप, विशाल गोप, दिवाकर गोप सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

