आईटीआई मैदान चाईबासा में आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा का उपरूम–जुमूर कार्यक्रम आयोजित
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा की ओर से रविवार को आईटीआई मैदान, चाईबासा में पारंपरिक उपरूम–जुमूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘हो’ समाज की परंपरागत रीति–रिवाज के अनुसार की गई। महासभा के सतीश सामड ने समाज की परंपरा के मुताबिक सिंहबोंगा के नाम से बोंगा–बुरू कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मंच की ओर से सामूहिक रूप से सिंहबोंगा के नाम पर गोवारि किया गया।


कार्यक्रम के दौरान ‘हो’ समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित एवं सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजन में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। भाषा और संस्कृति के संरक्षण, कृषि, अपराध नियंत्रण, सामाजिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में बेहतर योगदान देने वालों के साथ-साथ सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र, पौधा और पारंपरिक वस्त्र देकर अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर खरसावां विधायक दशरथ गागराई, उड़ीसा से डीएसपी देवेन्द्र नाथ पिंगुवा, टाटा स्टील फाउंडेशन से शिवशंकर कांडेयांग, आनंद बोयपाई और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में ‘हो’ समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
आयोजक समिति की ओर से बताया गया कि उपरूम–जुमूर कार्यक्रम में केवल पश्चिम सिंहभूम ही नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल के जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा से भी बड़ी संख्या में लोग प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया।
साथ ही सामाजिक, कृषि, शिक्षा, खेलकूद, पशुपालन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को विशेष सम्मान और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
आयोजन शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें समाज की एकता, संस्कृति और परंपरा की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

