रेल सिविल डिफेंस का विंटर प्रशिक्षण शिविर, सहायक लोको पायलटों को आपदा राहत और सीपीआर का प्रशिक्षण
जमशेदपुर(प्रकाश कुमार गुप्ता): टाटानगर रेल सिविल डिफेंस द्वारा विंटर प्रशिक्षण शिविर सीजन-टू के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड रांची, हावड़ा और मालदा के नवनियुक्त सहायक लोको पायलटों को आपदा राहत कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण दक्षिण पूर्व रेलवे के इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र, टाटानगर में आयोजित किया गया।


प्रशिक्षण के दौरान सहायक लोको पायलटों को हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच अंतर की जानकारी दी गई।
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने डिजिटल माध्यम और पीपीटी के जरिए सीपीआर देने की विधि का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो जाती है। इसका कारण ठंड में नसों का सिकुड़ना और रक्त का गाढ़ा होना है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की लगभग 30 प्रतिशत आबादी हाई ब्लड प्रेशर और 12 प्रतिशत आबादी डायबिटीज से पीड़ित है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
संतोष कुमार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिल के दौरे से होने वाली मौतों को कम करने के लिए आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाइयां और गोल्डन आवर में दी जाने वाली इंजेक्शन टेनेक्टेप्लेस या स्ट्रेप्टोकिनेस को स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अचानक चेतना का खो जाना, सांस रुक जाना और नाड़ी का न चलना कार्डियक अरेस्ट के लक्षण हैं, जबकि सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी और हाथ, कंधे व पीठ में दर्द हार्ट अटैक के प्रमुख लक्षण होते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि अंग कटे व्यक्ति और पेसमेकर मशीन लगे व्यक्ति को सीपीआर नहीं दिया जाता है।
दूसरे सत्र में डेमोस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षण केंद्र के प्रांगण में फायर फाइटिंग का अभ्यास कराया। इस दौरान एलपीजी गैस लीकेज से लगने वाली आग को बुझाने की विभिन्न विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस विंटर प्रशिक्षण शिविर में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड कोलकाता, मालदा और रांची के कुल 450 सहायक लोको पायलटों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण केंद्र के सभी वरीय और कनिष्ठ अनुदेशक उपस्थित रहे। नव नियुक्त सहायक लोको पायलटों में सुरक्षा और संरक्षा के प्रति गंभीरता और उत्साह देखा गया।

