दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण, झारखंड में खुशी की लहर
भारत सरकार द्वारा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और आदिवासी समाज के महान नेता दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से अलंकृत किए जाने पर राज्यभर में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई है। इस सम्मान को झारखंड की पहचान, आदिवासी स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के संघर्ष की ऐतिहासिक स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।


झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने इस अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का पूरा जीवन जनआंदोलनों, आदिवासी अधिकारों और अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि जननायक थे, जिनकी सोच और संघर्ष ने लाखों लोगों को आवाज दी।
अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि यह सम्मान न सिर्फ एक व्यक्ति को, बल्कि पूरे झारखंड और उसके संघर्षशील इतिहास को सम्मान देने जैसा है। उन्होंने भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड की भावनाओं को सम्मान दिया है।
उन्होंने दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा और उनका नाम झारखंड के इतिहास में अमर रहेगा।

