मिशन वात्सल्य के तहत 55 सीएनसीपी बच्चों को प्रायोजन से जोड़ा गया
खुंटपानी(प्रकाश कुमार गुप्ता): पश्चिमी सिंहभूम जिला के खुंटपानी प्रखंड कार्यालय में मिशन वात्सल्य (Sponsorship & Foster Care) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण इंटरफेस सह उन्मुखीकरण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य बाल संरक्षण से जुड़े सभी हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत करना और देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना था।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य यमुना तियू, पंचायत समिति सदस्य वीरेंद्र हेम्ब्रम शामिल हुए। बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य एम.डी. समीम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधि, पैरा लीगल वालंटियर्स, झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य विकास दोदराजका तथा बड़ी संख्या में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्लान इंडिया से अनूप होरे की भी सक्रिय भागीदारी रही।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रायोजन योजना के तहत 55 देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को सफलतापूर्वक जोड़ा गया है। इस योजना से इन बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के लिए नियमित आर्थिक एवं संस्थागत सहयोग मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बाल संरक्षण कानूनों, प्रायोजन एवं फॉस्टर केयर सेवाओं के प्रावधानों और पंचायत स्तर पर बच्चों की पहचान एवं संदर्भण प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। सभी वक्ताओं ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी सहयोग और निरंतर समन्वय पर जोर दिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में इस प्रकार की इंटरफेस बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि जमीनी स्तर पर बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम को बाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

