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“एंटी लेप्रोसी डे” के अवसर पर शहरी कुष्ठ केंद्र, साकची में ‘स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान–2026’ का शुभारंभ

 

गाँधी जी के बताए आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता – डॉ. साहिर पाल, सिविल सर्जन, पूर्वी सिंहभूम

एंटी लेप्रोसी डे के अवसर पर शहरी कुष्ठ केंद्र, साकची में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए। इसी क्रम में “स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान–2026” का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके चित्र पर उपस्थित अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने जानकारी दी कि प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान पखवाड़ा आयोजित किया जाता है। इस दौरान सहिया-दीदियों द्वारा घर-घर संपर्क, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, हाट-बाजारों एवं ग्राम सभाओं के माध्यम से कुष्ठ रोग से संबंधित जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाते हैं। साथ ही कुष्ठ रोग से मुक्त हुए व्यक्तियों को सम्मानित भी किया जाता है।

जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने बताया कि जिले में कुष्ठ रोगियों के लिए विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 10 नवंबर से 04 दिसंबर 2025 तक चलाए गए विशेष कुष्ठ रोगी खोज अभियान के दौरान 127 नए कुष्ठ रोगियों की पुष्टि की गई, जिन्हें निःशुल्क एमडीटी (मल्टी ड्रग थैरेपी) उपलब्ध कराई गई है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. साहिर पाल, सिविल सर्जन ने अपने संबोधन में कहा कि गाँधी जी के सपनों का “कुष्ठ रोग मुक्त समाज” तभी साकार हो सकता है जब हम सभी ईमानदारी और निष्ठा से अपने कर्तव्यों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कुष्ठ उन्मूलन की शपथ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसे अपने व्यवहार और सोच में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज से कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य व्यवहार करने और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने की अपील की।

इस अवसर पर अपल इंडिया के उपाध्यक्ष श्री जवाहर राम पासवान एवं जिला कुष्ठ कल्याण समिति के महामंत्री मो. जैनुद्दीन ने जिले में कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में कुष्ठ आश्रमों के बच्चों को “निकुष्ठ शिक्षा सम्मान” प्रदान किया गया। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से चयनित साहियाओं सहित कुल 84 लोगों को कुष्ठ उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “निकुष्ठ सेवा सम्मान” एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे।

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त महोदय द्वारा हस्ताक्षरित संदेश का वाचन कर सभी उपस्थितजनों ने कुष्ठ उन्मूलन की शपथ ली।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, ऋषिकेश गिरि, मो. जैनुद्दीन, अपल इंडिया के उपाध्यक्ष जवाहर राम पासवान, डेमियन फाउंडेशन के दुर्योधन बागती, टेरेसा सुंडी, संजय चटर्जी एवं विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से आईं साहियाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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