केंद्र सरकार का बजट विकसित भारत की दिशा में दूरदर्शी रोडमैप: विभिन्न वर्गों के उत्थान पर विशेष जोर: चंपई सोरेन
चाईबासा(प्रकाश कुमार गुप्ता): केंद्र की मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को सर्वांगीण, सर्वस्पर्शी और समावेशी बताते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी ब्लूप्रिंट माना जा रहा है। इस बजट का उद्देश्य देश के गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। लोगों की काबिलियत को निखारते हुए हर परिवार को कमाई के पर्याप्त संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना तथा देश के आर्थिक विकास की गति को तेज करना इस बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।


बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। काजू, अखरोट, बादाम, नारियल, कॉफी और मछली पालन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर किसानों और छोटे कारोबारियों की आय बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। वहीं खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों से बुनकरों और कारीगरों के जीवन में खुशहाली आने की उम्मीद जताई जा रही है।
देश में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्कों के माध्यम से वैश्विक वस्त्र निर्माताओं को “मेक इन इंडिया” अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने और नए ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना से आम जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने की संभावना है। इसके साथ ही आयुर्वेद के क्षेत्र में तीन नए एम्स की शुरुआत से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा।
बायोफार्मा और आयुर्वेद के क्षेत्र में भारत को अग्रणी शक्ति बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेमीकंडक्टर, चिप और मोबाइल कलपुर्जों के निर्माण को प्रोत्साहन देकर भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। कैंसर और डायबिटीज की दवाइयों सहित अन्य मेडिकल उपकरणों को सस्ता करने का निर्णय आम लोगों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
डिफेंस सेक्टर को कस्टम ड्यूटी में दी गई छूट से देश को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रखने में मदद मिलेगी। शिक्षा के क्षेत्र में 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की योजना से छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया है। साथ ही सभी जिलों में छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
बजट में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर और वॉटरवेज के माध्यम से यातायात और माल ढुलाई को आसान बनाने की योजना भी शामिल है। शराब, सिगरेट और पान मसाला को महंगा करने का निर्णय जनस्वास्थ्य के लिहाज से स्वागत योग्य बताया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की ओर बढ़ते इस बजट के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी जा रही है।

