एनआईटी जमशेदपुर में ‘एआई और एमएसएमई’ पर आधारित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का भव्य समापन
जमशेदपुर, 06 फरवरी 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित पांच दिवसीय उन्नत प्रबंधन विकास कार्यक्रम (A-MDP) का आज औपचारिक रूप से समापन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय “एआई के साथ एमएसएमई को सशक्त बनाना: व्यापार वृद्धि, स्वचालन और नवाचार के लिए एआई टूल्स का लाभ उठाना” था। यह कार्यशाला स्थानीय उद्यमियों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई। अंतिम दिन आज श्रीमती मीनाक्षी गणेशन, डिप्टी डायरेक्टर जनरल, पूर्वी क्षेत्र, भारतीय मानक ब्यूरो ने प्रतिभागियों को पर्यावरणीय अनुपालन एवं औद्योगिक विकास विषय पर संबोधित किया।


*प्रशासनिक नेतृत्व और मार्गदर्शन*
इस भव्य आयोजन की सफलता में संस्थान के शीर्ष प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक और मुख्य संरक्षक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार की दूरदर्शिता के तहत किया गया। संस्थान के कुलसचिव प्रो. एस. के. सारंगी ने प्रशासनिक और ढांचागत व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
इसके साथ ही, उप-निदेशक प्रो. (डॉ.) राम विनय शर्मा और प्रो. (डॉ.) सतीश कुमार (डीन, अनुसंधान एवं परामर्श) ने कार्यक्रम के शैक्षणिक और तकनीकी पहलुओं का मार्गदर्शन किया। विभाग के अध्यक्ष और चेयरमैन डॉ. दिलीप कुमार शॉ ने पूरे सत्र की निगरानी की।
*विद्वान वक्ताओं की सूची*
पांच दिनों के इस गहन प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों ने अपने ज्ञान को साझा किया: डॉ. अर्पिता घोष (वैज्ञानिक, CSIR-NML) – उद्योगों के लिए परिवर्तनकारी एआई समाधान | डॉ. ललित प्रसाद (डीवाई पाटिल विश्वविद्यालय) – एक्सेल और एआई टूल्स।श्री समीर मिश्रा (टाटा स्टील) – वित्त प्रबंधन और फ्रॉड डिटेक्शन।सुश्री प्रिया शर्मा (संस्थापक, मेंटरशाला) – डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग।श्री साहिल कौशिक (माइक्रोसॉफ्ट) – पावर बीआई और डेटा विश्लेषण। डॉ. हर्षित के. सिंह (XLRI) – बिजनेस प्रोसेस और री-इंजीनियरिंग।डॉ. दीपक कुमार (वाइपेनेक्स आईटी) – एआई और उभरती तकनीकें।डॉ. मृत्युंजय राउत (एनआईटी जमशेदपुर) – औद्योगिक स्वचालन और भविष्य की दिशा।डॉ. दिनेश कुमार (प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग ,एनआईटी जमशेदपुर) – सप्लाई चेन एनालिटिक्स |डॉ. चन्द्रशेखर आजाद (एनआईटी जमशेदपुर) – एमएसएमई के लिए मशीन लर्निंग एवं एआई टूल्स | डॉ. दिनेश कुमार (कंप्यूटर साइंस एंव इंजीनियरिंग, एनआईटी जमशेदपुर) – ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी|
*प्रथम दिवस* में उद्घाटन एवं कार्यक्रम अवलोकन के साथ एमएसएमई पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, एआई द्वारा उत्पादकता एवं नवाचार, एक्सेल आधारित डेटा विश्लेषण, एआई समर्थित डेटा विश्लेषण, रिपोर्टिंग तथा डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण जैसे विषयों को शामिल किया गया।
*द्वितीय दिवस* के सत्रों में एआई आधारित वित्तीय प्रबंधन, फ्रॉड डिटेक्शन तकनीकें, डिजिटल मार्केटिंग में एआई का उपयोग, कंटेंट क्रिएशन एवं ब्रांडिंग, Power BI आधारित निर्णय-निर्माण तथा बिजनेस इंटेलिजेंस और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
*तृतीय दिवस* में उद्यमियों के लिए मशीन लर्निंग, एमएसएमई हेतु एआई टूल्स, एआई आधारित साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन, सप्लाई चेन एनालिटिक्स तथा बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
*चतुर्थ दिवस* के दौरान एमएसएमई में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण रणनीतियाँ, बिज़नेस प्रोसेस मैनेजमेंट, बिज़नेस प्रोसेस री-इंजीनियरिंग, हाउस ऑफ क्वालिटी तथा उत्पाद गुणवत्ता और ग्राहक अपेक्षाओं से जुड़े विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।
*पंचम एवं अंतिम दिवस* में औद्योगिक स्वचालन, एमएसएमई में ऑटोमेशन, एआई आधारित एप्लिकेशन डेवलपमेंट, व्यावहारिक एआई अनुप्रयोगों के साथ समापन एवं फीडबैक सत्र के विषयों को सम्मिलित किया गया।
*कुशल समन्वय और छात्र टीम का परिश्रम*
कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी समन्वयक डॉ चन्द्रशेखर आजाद, डॉ. दिनेश कुमार(कंप्यूटर साइंस एंव इंजीनियरिंग), डॉ. दिनेश कुमार (प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग ) और डॉ. मृत्युंजय राउत के कंधों पर थी। उनके कुशल प्रबंधन के कारण ही पांचों दिन के सत्र समयबद्ध और ज्ञानवर्धक रहे।
समारोह की सफलता में छात्र स्वयंसेवकों की टीम का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पंजीकरण, तकनीकी सहायता और मेहमानों के स्वागत में दिन-रात एक कर दिया। इस समर्पित टीम में निम्नलिखित छात्र शामिल थे: हरिश गभेल, प्रभात, जितेंद्र, दीपांकर, गौतम, अंकिता, नरेंद्र, मोहम्मद हैदर, मो. सबा करीम और शुभम।
*समापन संदेश*
समारोह के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उप-निदेशक प्रो. (डॉ.) राम विनय शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और एआई जैसी तकनीकें इन्हें वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की शक्ति प्रदान करेंगी। वक्ताओं और छात्र स्वयंसेवकों को उनकी मेहनत के लिए सराहा और भविष्य में ऐसे और आयोजनों की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) दानिश अली खान एवं अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।

