झारखंड विधानसभा में शराबबंदी पर बहस: जयराम महतो ने उठाई मांग, मंत्री बोले—केंद्र 2 लाख करोड़ दे तो लागू करेंगे
झारखंड विधानसभा में शनिवार को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की 5194 करोड़ रुपये की अनुदान मांग ध्वनि मत से पारित कर दी गई। इस दौरान सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। चर्चा के दौरान जेएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग उठाई और कहा कि गुरुजी का सपना था कि झारखंड में शराबबंदी होनी चाहिए। इस पर विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने जवाब देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार झारखंड का बकाया दो लाख करोड़ रुपये दे दे, तो राज्य भी बिहार की तरह शराबबंदी लागू करने पर विचार कर सकता है।


वहीं प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अव्यवस्था के मुद्दों पर घेरा। उन्होंने बालू, पत्थर और कोयले की अवैध निकासी से राजस्व को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार इस पर गंभीर नहीं दिख रही है। साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन, ऊर्जा विभाग और अन्य मामलों में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठाए।
इस बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन को जानकारी दी कि ऊर्जा और पर्यटन निगम के खातों से अवैध रूप से निकाले गए 109 करोड़ रुपये बैंकों द्वारा वापस कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य ने कर संग्रह के लक्ष्य का लगभग 81 प्रतिशत हासिल कर लिया है।

