सरायकेला आश्रय गृह में मिली गंभीर अनियमितताएं, निरीक्षण के बाद कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश

सरायकेला: नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत संचालित आश्रय गृह में सोमवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया।


निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष के साथ नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, सिटी मैनेजर सुमित सुमन, कम्युनिटी मोबिलाइजेशन मैनेजर (सीएमएम) मणिमुकुट सोरेन तथा मैकेनिकल इंजीनियर विक्की भी मौजूद थे। टीम ने आश्रय गृह की साफ-सफाई, रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
जांच में पाया गया कि आश्रय गृह के बेड, बिस्तर और अन्य सामग्री व्यवस्थित ढंग से नहीं रखी गई थी। परिसर की स्वच्छता और रखरखाव भी संतोषजनक नहीं मिला। इसके अलावा रात्रि विश्राम करने वाले आश्रितों के अभिलेखों और पंजी की जांच में कई प्रविष्टियां वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती दिखीं, जिससे रिकॉर्ड में अनियमितता और फर्जी प्रविष्टियों की आशंका जताई गई।
इन कमियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने संबंधित पदाधिकारी को फटकार लगाई और मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही सिटी मैनेजर और कार्यपालक पदाधिकारी को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि आश्रय गृह में रात्रि विश्राम के लिए अपेक्षाकृत बहुत कम लोग पहुंच रहे हैं, जिससे उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने आश्रय गृह की उपयोगिता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार, सुविधाओं के उन्नयन और नियमित निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि आश्रय गृह का उद्देश्य जरूरतमंद, निराश्रित और असहाय लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। ऐसे जनकल्याणकारी संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभिलेखों में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करते हुए दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत प्रशासन ने आश्रय गृह की व्यवस्थाओं में सुधार लाने और अधिक से अधिक पात्र लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।

