पूर्वी सिंहभूम में कुष्ठ रोग खोज अभियान का निरीक्षण, बच्चों में संक्रमण रोकने पर जोर
पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रहे कुष्ठ रोग खोज अभियान (चक्र–2) का सोमवार को निरीक्षण किया गया। इस दौरान चेन्नई स्थित सेंट्रल लेप्रोसी टीचिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CLTRI) की सीएमओ डॉ. होसाना ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की।


निरीक्षण के क्रम में डॉ. होसाना ने मुसाबनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया, जहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुन्दर लाल मार्डी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बदिया, केंदाडीह, लोको कॉलोनी और सूरदा क्षेत्रों में चल रहे कुष्ठ रोग खोज अभियान का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सहिया और मेल वालंटियर्स द्वारा किए जा रहे कार्य, दीवार लेखन तथा संदिग्ध मरीजों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया गया।

जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि 9 मार्च से 23 मार्च तक जिले में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सहिया और एक पुरुष कार्यकर्ता की टीम घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ मरीजों की पहचान कर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच के लिए भेज रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका और स्कूलों के शिक्षकों को भी कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार और इससे जुड़ी भ्रांतियों के बारे में जागरूक किया गया है।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कुष्ठ उन्मूलन के क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए डॉ. होसाना और डॉ. गौतम कुमार (राज्य समन्वयक, डेमियन फाउंडेशन इंडिया ट्रस्ट) को “निकुष्ठ सेवा सम्मान–2026” से सम्मानित किया। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को विभिन्न विभागों के समन्वय से अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया।
अभियान के दौरान जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो, बीपीएम सूरज पूर्ति, अचिकित्सा सहायक अजय कुमार, बीटीटी जितेन सिंहदेव और सुभाष पातर समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

