आंगनबाड़ी सेविका चयन पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इच्छापुर आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन को लेकर ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।



ग्रामीणों का आरोप है कि चयनित अभ्यर्थी श्रीमती बबीता महतो को कुल 32 अंक प्राप्त हुए हैं, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और योग्यता को लेकर कई संदेह उत्पन्न हो रहे हैं। शिकायत पत्र में कहा गया है कि अभ्यर्थी की पढ़ाई पश्चिम बंगाल से हुई है और उन्हें हिंदी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सेविका चयन फॉर्म किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भरा गया है। साथ ही प्रस्तुत ग्रेजुएशन डिग्री की सत्यता पर भी सवाल उठाया गया है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि अभ्यर्थी का विवाह लगभग एक वर्ष पूर्व हुआ है, जबकि ग्रेजुएशन की डिग्री इतने कम समय में प्राप्त करना संदेहास्पद प्रतीत होता है। ग्रामीणों ने डिग्री की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मामले में एक और आरोप यह लगाया गया है कि चयनित अभ्यर्थी की सास पहले से ही इच्छापुर आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के दो सदस्यों का एक ही केंद्र में चयन सरकारी नियमों के विरुद्ध है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक चयन प्रक्रिया को स्थगित या रद्द करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।


