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सिंहभूम कॉलेज चांडिल से विभाग हटाने और शिक्षक पद समाप्त करने के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन. कुलपति को भेजा गया जीमेल.

चांडिल. सिंहभूम कॉलेज चांडिल में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) के बैनर तले छात्रों ने गृह विज्ञान और समाजशास्त्र विषय को हटाने तथा वाणिज्य विभाग के एक शिक्षक पद को समाप्त करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में कुलपति के नाम जीमेल भेजकर प्रदर्शन किया. इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया.

 

कॉलेज कमेटी के सचिव राजा प्रमाणिक ने कहा कि सिंहभूम कॉलेज चांडिल, चांडिल अनुमंडल क्षेत्र का एकमात्र अंगीभूत डिग्री कॉलेज है, जहां दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं. आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद विद्यार्थी अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं. ऐसे में नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम के अंतर्गत गृह विज्ञान और समाजशास्त्र विषय को कॉलेज से हटाने का निर्देश तथा वाणिज्य विभाग में एक शिक्षक पद समाप्त करने का निर्णय छात्रों के हितों के खिलाफ है.

उन्होंने बताया कि गृह विज्ञान विषय में लगभग 1000 से 1500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो पर्याप्त संख्या है. वहीं वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर स्तर तक पढ़ाई होती है, इसके बावजूद शिक्षक का एक पद समाप्त किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संथाली विषय में पर्याप्त संख्या में विद्यार्थी होने के बावजूद अब तक शिक्षक का पद सृजित नहीं किया गया है.

 

राजा प्रमाणिक ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विषयों और शिक्षक पद को यथावत नहीं रखा गया, तो छात्र संगठन व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा.

 

कॉलेज कमेटी के अध्यक्ष कानू टुडू ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा तक पहुंच को कठिन बना रही है. उनका आरोप है कि क्लस्टर सिस्टम के माध्यम से शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण और छात्रों को शिक्षा से वंचित करने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है.

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोल्हान विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण विद्यार्थियों ने कुलपति के नाम “जीमेल भेजो अभियान” चलाकर अपना विरोध दर्ज कराया. इस अभियान के तहत सैकड़ों विद्यार्थियों ने ईमेल भेजकर प्रस्तावित निर्णय का विरोध किया.

 

इस अभियान में अनीता, अफ्सा परवीन, रोहित प्रमाणिक, आशा सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की.

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