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श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में फार्मास्युटिकल साइंसेज पर राष्ट्रीय सेमिनार, शोध और नवाचार पर जोर

 

जमशेदपुर, 13 अक्टूबर। श्रीनाथ यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर के स्कूल ऑफ फार्मेसी की ओर से मंगलवार को फार्मास्युटिकल साइंसेज के उभरते आयामों पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। “इमर्जिंग फ्रंटियर्स इन फार्मास्युटिकल साइंसेज: इंटीग्रेटिंग रिसर्च, इनोवेशन, एजुकेशन एंड पेशेंट केयर” विषय पर आयोजित इस सेमिनार में फार्मास्युटिकल शिक्षा, दवाओं की खोज एवं विकास, आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और मरीजों की बेहतर देखभाल जैसे विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, फार्मेसी विशेषज्ञों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ से हुआ। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति दी गई। अतिथियों एवं विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सेमिनार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सेमिनार की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। वहीं, स्कूल ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

 

श्रीनाथ कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार महापात्र ने अतिथियों का स्वागत करते हुए फार्मास्युटिकल शिक्षा में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फार्मेसी के विद्यार्थियों के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल और पेशेवर दक्षता से भी लैस होना होगा। उन्होंने दवाओं की खोज एवं विकास में कंप्यूटेशनल तकनीकों, नए शोध क्षेत्रों और ट्रांसलेशनल रिसर्च के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित किया। उनके अनुसार, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के बीच बेहतर समन्वय से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं और फार्मास्युटिकल उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकता है।

 

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एस.एन. सिंह ने मानव कल्याण में फार्मास्युटिकल साइंसेज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से ऐसे कुशल और शोधपरक पेशेवर तैयार करने का आह्वान किया, जो अपने वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग समाज और मानव कल्याण के लिए कर सकें।

 

झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के सदस्य तथा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की कार्यकारी समिति के सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने फार्मास्युटिकल शिक्षा में सेमिनार और शैक्षणिक सम्मेलनों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अपने विचार साझा करने तथा नई तकनीकों और अनुसंधान की संभावनाओं से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे विद्यार्थियों की विषयगत समझ और पेशेवर दक्षता को मजबूत करने में मदद मिलती है।

 

सेमिनार के विशिष्ट वक्ता प्रो. (डॉ.) अनिंद्य बोस, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान, भुवनेश्वर, ओडिशा ने नैनोपार्टिकल्स और फार्मास्युटिकल अनुसंधान की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नैनो तकनीक के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान के नए रास्ते खुलने की बात कही। उन्होंने इस तरह के शैक्षणिक आयोजन को विशेषज्ञों और विद्यार्थियों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान का प्रभावी माध्यम बताया।

 

सेमिनार में आधुनिक दवा वितरण प्रणाली, फार्माकोलॉजी, टॉक्सिकोलॉजी, प्राकृतिक उत्पादों पर आधारित अनुसंधान, क्लिनिकल फार्मेसी, फार्मास्युटिकल बायोटेक्नोलॉजी तथा फार्मास्युटिकल साइंसेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों के उपयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। आयोजन का उद्देश्य अंतर्विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा शिक्षण संस्थानों, शोधकर्ताओं और फार्मास्युटिकल उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना रहा।

 

यह राष्ट्रीय सेमिनार फार्मास्युटिकल शिक्षा को आधुनिक अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को दवा विकास, नई तकनीकों और भविष्य की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने में अनुसंधान एवं नवाचार की भूमिका से अवगत कराया गया।

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Deepak Mahato

दीपक महतो – संस्थापक, छोटानागपुर लाइव   दीपक कुमार महतो पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का व्यापक अनुभव है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने न्यूज़ 11 सहित कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार पत्रों में काम किया है।   वर्तमान में वे छोटानागपुर लाइव (Chhotanagpur Live) के संस्थापक हैं। इसके माध्यम से वे झारखंड की स्थानीय खबरों, जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों और क्षेत्रीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका उद्देश्य निष्पक्ष, तथ्यपरक और विश्वसनीय समाचारों के माध्यम से आम जनता की आवाज को जन-जन तक पहुंचाना है।   वर्तमान पद: संस्थापक, छोटानागपुर लाइव (Chhotanagpur Live)   अनुभव: 8 वर्ष | प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनि क मीडिया