दीपावली, काली पूजा और छठ को लेकर शांति समिति की बैठक, तीन छठ घाटों पर रहेगी रोक
कम उपस्थिति पर एसडीओ ने जताई नाराजगी, कहा- हादसा होने पर संबंधित विभाग और पूजा कमेटी की तय होगी जिम्मेदारी

चांडिल: दीपावली, काली पूजा एवं छठ महापर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने को लेकर चांडिल अनुमंडल कार्यालय में बुधवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी नितिन शिवम गुप्ता ने की। इस दौरान विभिन्न पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्योहार के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपेक्षाकृत कम उपस्थिति देखकर अनुमंडल पदाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय घटना होती है तो संबंधित विभाग अथवा संबंधित पूजा कमेटी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी समितियों से जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।
बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री पर रोक
दीपावली के मद्देनजर पटाखों की बिक्री को लेकर एसडीओ ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन से वैध अनुज्ञप्ति प्राप्त दुकानदार ही पटाखों की बिक्री कर सकेंगे। बिना लाइसेंस पटाखा बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दीपावली के दौरान जुआ खेलने की गतिविधियों पर भी प्रशासन सख्त रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चांडिल बाजार में जाम से निपटने की तैयारी
त्योहार के दौरान चांडिल बाजार के डैम रोड में संभावित जाम की समस्या को देखते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी चर्चा की गई। एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि खरीदारी के लिए बाजार पहुंचने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
तीन छठ घाटों पर पूजा करने पर रहेगी रोक
छठ महापर्व को लेकर बैठक में सुरक्षा के दृष्टिकोण से तीन घाटों को बंद रखने का निर्णय लिया गया। इनमें शाहरबेड़ा स्थित विश्वास छठ घाट, जायदा मंदिर छठ घाट तथा कपाली का काडीपाता छठ घाट शामिल हैं। इन घाटों पर पानी की अत्यधिक गहराई को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले छठ पर्व के दौरान विश्वास घाट में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जायदा घाट में भी कुछ दिन पूर्व डूबने से एक व्यक्ति की जान चली गई थी। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उक्त घाटों पर छठ पूजा नहीं करने का निर्णय लिया है।
छठ घाटों पर गोताखोर और अग्निशमन दल रहेंगे तैनात
अन्य छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया गया। घाटों पर पानी की गहराई का आकलन कर बांस गाड़ने और रस्सी लगाने के साथ खतरे के निशान निर्धारित करने को कहा गया, ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बच सकें। इसके अलावा छठ घाटों पर अग्निशमन दल और गोताखोरों की टीम तैनात रखने की व्यवस्था की जाएगी। घाटों की साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित पूजा समितियों को सौंपी गई। प्रशासन ने सभी समितियों से समय रहते आवश्यक तैयारियां पूरी करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की।


