Thursday, November 5, 2026
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जमशेदपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कुष्ठ रोग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बच्चों को दी गई बचाव और उपचार की जानकारी

 

 

जमशेदपुर: राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत संचालित ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (MDT) अभियान के 20वें दिन बुधवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के सुंदरनगर स्थित पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कुष्ठ रोग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को कुष्ठ रोग के लक्षण, पहचान, उपचार और बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

 

कार्यक्रम में जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बच्चों को बताया कि कुष्ठ रोग बैक्टीरिया के कारण होने वाला रोग है, जिसका नियमित रूप से मल्टी ड्रग थेरेपी (MDT) दवाओं का सेवन करने से पूरी तरह उपचार संभव है। उन्होंने कहा कि समय रहते रोग की पहचान और इलाज शुरू होने से दिव्यांगता से बचा जा सकता है। उन्होंने कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों, प्रकार, पहचान की प्रक्रिया और उपचार पद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

 

डॉ. महतो ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से देशभर में कुष्ठ रोग के उपचार के लिए संशोधित MDT उपचार दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। उन्होंने नए उपचार प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षणों, जांच और उपचार की प्रक्रिया से अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि उपचार अवधि के दौरान कुष्ठ रोगियों को सरकार की ओर से प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।

 

वहीं, नवजागृत मानव समाज (NJMS) के पार्थो भट्टाचार्य ने दिव्यांगता रोकथाम एवं चिकित्सा पुनर्वास (DPMR) कार्यक्रम के तहत सेल्फ केयर और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उचित देखभाल और समय पर उपचार से कुष्ठ रोग से होने वाली शारीरिक जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

 

अपने संबोधन में डॉ. राजीव लोचन महतो ने कहा कि कुष्ठ रोग के उन्मूलन के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक और संकल्पित होना होगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में मिली जानकारी को अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य व्यक्ति की तरह व्यवहार करना चाहिए। यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है, इसलिए इससे पीड़ित लोगों के प्रति भेदभाव और सामाजिक भ्रांतियों को समाप्त करना जरूरी है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कुष्ठ रोगियों तक पहुंचाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी बेहद आवश्यक है। जागरूकता और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही कुष्ठ रोग के प्रति फैली गलत धारणाओं को दूर किया जा सकता है।

 

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित बच्चों के बीच कॉपी, पेन, बिस्कुट और चॉकलेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में नवजागृत मानव समाज, पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन, शिक्षिकाओं और छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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