चांडिल : कुड़माली वर्तनी को मिली ग्रामसभा की मान्यता
चांडिल, 29 अगस्त ।


रुचाप, चावलीबासा, झाबरी, धुनाबुरु, चिलगु और तामुलिया पंचायतों में शुक्रवार को आयोजित ग्रामसभाओं में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब से कुरमाली को सही वर्तनी कुड़माली के रूप में लिखा जाएगा।
पहले इस भाषा का नाम कुरमाली, कुर्माली, कूर्मि जैसे कई रूपों में लिखा जाता था, जिसे अशुद्ध माना गया। ग्रामसभा ने स्पष्ट किया कि यह केवल शब्द सुधार का विषय नहीं बल्कि भाषा, परंपरा और समाज की अस्मिता का सवाल है।

कुड़मि समाज चांडिल के जनसंपर्क सचिव गुणधाम मुतरुआर ने बताया कि बिहार राज्य काल से ही सरकारी कागजों, भूमि अभिलेख और जनगणना में नाम को गलत तरीके से दर्ज किया गया था। किंतु ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रमाणों के आधार पर सही नाम हमेशा से कुड़मि ही रहा है।

उपायुक्त सरायकेला-खरसावां के निदेशन पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, चांडिल ने पंचायतवार ग्रामसभा कराने का निर्देश दिया था। इसमें जिला परिषद सदस्य, समिति सदस्य, मुखिया, उप-मुखिया और वार्ड सदस्य उपस्थित रहे।

