मौजा सपादा में बालू घाट संचालन को लेकर ग्राम सभा आयोजित, ग्रामीणों ने रखे कई प्रस्ताव

कुकड़ू : अंचल अधिकारी, कुकड़ू के पत्रांक-351 दिनांक 30 मई 2026 के आलोक में रविवार को मौजा सपादा में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता तथा अंचल अधिकारी की उपस्थिति में आयोजित बैठक में ई-नीलामी के माध्यम से चयनित डाककर्ता कंपनी द्वारा बालू घाट संचालन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज कराईं।बैठक में बताया गया कि जिला खनन पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां के निर्देश के तहत मौजा सपादा के बालू घाट के संचालन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से चयनित एजेंसी गो-क्वेस्ट सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता के संबंध में ग्राम सभा से राय मांगी गई है। इसी क्रम में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से बालू घाट के सीमांकन की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना था कि किसी भी प्रकार के संचालन से पूर्व बालू घाट क्षेत्र का स्पष्ट सीमांकन कराया जाना आवश्यक है। बैठक में प्लॉट संख्या 1107P, 2122P एवं 302P से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।ग्रामीणों ने प्रस्ताव रखा कि बालू उठाव का कार्य स्थानीय मजदूरों एवं ग्रामीणों के माध्यम से कराया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिल सके। ग्राम सभा ने यह भी प्रस्ताव पारित किया कि मशीनों के माध्यम से बालू उठाव की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए तथा स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।बैठक के दौरान ग्रामीणों ने दावा किया कि प्लॉट संख्या 1107 श्मशान घाट है, जबकि प्लॉट संख्या 2122 में ग्राम मंदिर एवं सार्वजनिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। ग्रामीणों ने इन स्थलों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की।ग्राम सभा में ग्राम विकास के लिए आवश्यक सरकारी भूमि उपलब्ध कराने, ग्राम सभा के अधिकार क्षेत्र का सम्मान करने तथा ग्राम हितों को ध्यान में रखते हुए बालू घाट संचालन से संबंधित निर्णय लेने की मांग भी उठाई गई।बैठक में पारित सभी प्रस्तावों एवं ग्रामीणों की राय को प्रतिवेदन के रूप में तैयार कर संबंधित विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया। अंत में ग्राम प्रधान ने सभी ग्रामीणों एवं उपस्थित अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। मौके पर मुखिया सुधीर सिंह, ग्राम प्रधान पीताम्बर सिंह मानकी, पूर्व प्रमुख शंकर सिंह मुंडा, गौरांग प्रामाणिक समेत कई ग्रामीण उपस्थित हुए।




